Edited By Rohini Oberoi,Updated: 01 Mar, 2026 12:33 PM

कैंसर की दुनिया में 'सर्वाइकल कैंसर' एक ऐसा नाम है जो चुपचाप दस्तक देता है और जानलेवा साबित होता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर 8 मिनट में एक महिला इसी कैंसर के कारण दम तोड़ देती है। राहत की...
Cervical Cancer : कैंसर की दुनिया में 'सर्वाइकल कैंसर' एक ऐसा नाम है जो चुपचाप दस्तक देता है और जानलेवा साबित होता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर 8 मिनट में एक महिला इसी कैंसर के कारण दम तोड़ देती है। राहत की बात यह है कि अगर समय रहते सावधानी बरती जाए तो इस कैंसर को न केवल रोका जा सकता है बल्कि पूरी तरह ठीक भी किया जा सकता है।
क्यों है यह इतना खतरनाक?
सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरणों में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। यह शरीर में धीरे-धीरे विकसित होता है और अक्सर तब पता चलता है जब यह काफी फैल चुका होता है। विशेषज्ञों के अनुसार ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) इस कैंसर का मुख्य कारण है जो यौन संपर्क के जरिए फैलता है।
बचाव के 5 सबसे कारगर तरीके:
1. HPV वैक्सीन: सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच
सर्वाइकल कैंसर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए यह सबसे ज्यादा असरदार है। हालांकि डॉक्टर की सलाह पर इसे 26 साल या उससे अधिक उम्र में भी लगवाया जा सकता है। भारत सरकार ने अब इसे राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर लिया है ताकि हर घर तक इसकी पहुंच हो सके।
2. नियमित स्क्रीनिंग: बीमारी को शुरू में ही पकड़ें
30 से 65 वर्ष की महिलाओं को नियमित अंतराल पर पैप स्मीयर (Pap Smear) और HPV DNA टेस्ट करवाना चाहिए। स्क्रीनिंग से कैंसर बनने से पहले ही कोशिकाओं में हो रहे बदलावों का पता चल जाता है जिससे इलाज आसान हो जाता है।

3. सुरक्षित यौन व्यवहार
चूंकि यह वायरस यौन संपर्क से फैलता है इसलिए सुरक्षा के उपाय बेहद जरूरी हैं। कंडोम का नियमित इस्तेमाल और सीमित यौन साथी संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम कर देते हैं। यौन स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा करना समाज में जागरूकता लाने के लिए आवश्यक है।
4. धूम्रपान और तंबाकू से तौबा
धूम्रपान न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को भी कमजोर कर देता है। कमजोर इम्यूनिटी के कारण शरीर HPV संक्रमण से नहीं लड़ पाता जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। तंबाकू छोड़ने से शरीर की रक्षा प्रणाली फिर से मजबूत होने लगती है।

5. लक्षणों को न करें नजरअंदाज
नीचे दिए गए लक्षणों को कभी भी मामूली समझकर न छोड़ें:
-
पीरियड्स के बीच में या संभोग के बाद ब्लीडिंग होना।
-
मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद अचानक ब्लीडिंग होना।
-
लगातार दुर्गंधयुक्त सफेद पानी (Discharge) आना।
-
पेल्विक हिस्से (पेट के निचले भाग) में लगातार दर्द रहना।