Edited By Radhika,Updated: 31 Mar, 2026 12:10 PM

पश्चिम बंगाल चुनाव से बड़ा उल्टफेर देखने को मिला है। चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका लगा है। उत्तर 24 परगना जिले की बदुरिया सीट से मौजूदा विधायक अब्दुल रहीम काजी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का साथ छोड़कर सोमवार, 30 मार्च को कांग्रेस का दामन थाम लिया।...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल चुनाव से बड़ा उल्टफेर देखने को मिला है। चुनाव से पहले TMC को बड़ा झटका लगा है। उत्तर 24 परगना जिले की बदुरिया सीट से मौजूदा विधायक अब्दुल रहीम काजी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का साथ छोड़कर सोमवार, 30 मार्च को कांग्रेस का दामन थाम लिया। माना जा रहा है कि काजी अब इसी सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेंगे।
टिकट कटने से थे नाराज
अब्दुल रहीम काजी की नाराजगी की मुख्य वजह TMC द्वारा उनका टिकट काटा जाना रही। रविवार, 29 मार्च को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने अगले ही दिन कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने उनका पार्टी में स्वागत किया।
घर वापसी जैसा अहसास, भावुक होकर बोले नेता
कांग्रेस में शामिल होने के बाद भावुक होते हुए काजी ने कहा, "मेरे पिता 50 वर्षों तक कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे। आज कांग्रेस में शामिल होकर मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपने घर लौट आया हूँ। मैं अपने क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हूँ।"
TMC ने दिया ये बयान
दूसरी ओर, TMC ने इस दलबदल को खास तवज्जो नहीं दी है। पार्टी ने बदुरिया से इस बार बुरहानुल मुकद्दिम लिटन को अपना उम्मीदवार बनाया है। पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उम्मीदवारों का चयन पार्टी का सामूहिक निर्णय होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति या विधायक की निजी नाराजगी और पार्टी छोड़ने से TMC के चुनावी प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बसीरहाट क्षेत्र में बड़े बदलाव
गौरतलब है कि TMC ने बसीरहाट संगठनात्मक जिले की 6 विधानसभा सीटों (संदेशखाली, बसीरहाट उत्तर, बसीरहाट दक्षिण, हारोआ, हिंगलगंज और बदुरिया) पर अपने मौजूदा विधायकों के टिकट काटकर नए चेहरों पर दांव लगाया है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि काजी का कांग्रेस में जाना इस क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को दिलचस्प बना सकता है।