Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 28 Mar, 2026 06:19 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासत पूरी तरह गरमा गई है। Amit Shah ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली Trinamool Congress सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सियासत पूरी तरह गरमा गई है। Amit Shah ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली Trinamool Congress सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस दौरान बीजेपी ने 15 साल के शासन को लेकर 40 पन्नों का विस्तृत आरोप-पत्र जारी किया, जिसमें राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए गए।
‘15 साल, बंगाल बेहाल’—चार्जशीट में क्या कहा गया
बीजेपी द्वारा जारी इस दस्तावेज में राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक स्थिति और विकास कार्यों को लेकर कड़ी आलोचना की गई है। आरोप-पत्र में दावा किया गया है कि राज्य में भ्रष्टाचार, घुसपैठ, महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर स्थिति लगातार बिगड़ी है। पार्टी ने इसे आम जनता की आवाज बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ बना बड़ा मुद्दा
चार्जशीट में अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। बीजेपी का आरोप है कि सीमा के कई हिस्सों में अब तक बाड़ नहीं लग पाई है, जिससे अवैध घुसपैठ को बढ़ावा मिला है। पार्टी ने यह भी कहा कि इस स्थिति के पीछे प्रशासनिक स्तर पर देरी और लापरवाही जिम्मेदार है।
‘सिंडिकेट राज’ और भ्रष्टाचार पर हमला
बीजेपी ने अपने आरोप-पत्र में ‘सिंडिकेट कल्चर’ को प्रमुख मुद्दा बनाया है। कोयला, पीडीएस, भर्ती प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कमीशनखोरी की प्रवृत्ति व्यापक हो चुकी है। इसके साथ ही कई बड़े घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं को भी मुद्दा बनाया गया है।
कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल
चार्जशीट में राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राजनीतिक हिंसा और अपराध की घटनाओं का जिक्र करते हुए बीजेपी ने कहा कि आम लोगों में सुरक्षा को लेकर डर का माहौल है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया और कई चर्चित मामलों का हवाला दिया गया।
रोजगार, उद्योग और पलायन का मुद्दा
बीजेपी ने आरोप लगाया कि राज्य में उद्योगों का माहौल कमजोर हुआ है, जिसके चलते कई कंपनियां बाहर चली गईं। इससे रोजगार के अवसर प्रभावित हुए और युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर रुख करना पड़ा। चार्जशीट में बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों को भी प्रमुख मुद्दे के तौर पर उठाया गया है।
अमित शाह के बड़े वादे और दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Amit Shah ने कहा कि यह दस्तावेज राज्य की जनता की भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में जनता बदलाव के पक्ष में फैसला लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है, तो सीमा सुरक्षा, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों पर तेजी से काम किया जाएगा।
चुनावी मुकाबला और आगे की रणनीति
पश्चिम बंगाल में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज होते जा रहे हैं। एक तरफ बीजेपी सरकार पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी तरफ Trinamool Congress भी जवाबी रणनीति में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और भी दिलचस्प होने की संभावना है।