Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 27 Mar, 2026 08:54 PM

West Bengal में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर माहौल पूरी तरह गरम हो चुका है। सभी प्रमुख दलों के नेता लगातार जनसभाएं कर रहे हैं और मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटे हैं।
नेशनल डेस्क: West Bengal में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर माहौल पूरी तरह गरम हो चुका है। सभी प्रमुख दलों के नेता लगातार जनसभाएं कर रहे हैं और मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटे हैं। इस सियासी मुकाबले में Mamata Banerjee और Abhishek Banerjee जहां सत्ता बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं, वहीं विपक्ष की ओर से Suvendu Adhikari जैसे नेता आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में हैं।
पांडवेश्वर रैली में ममता का जोरदार पलटवार
गुरुवार को पांडवेश्वर में आयोजित जनसभा में ममता बनर्जी ने विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को “चोर-डाकू” बताना पूरी तरह राजनीतिक प्रोपेगेंडा है, जिसका सच से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री ने खुद को लेकर भी साफ किया कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में कभी वेतन नहीं लिया और निजी लाभ से हमेशा दूरी बनाए रखी।
‘झूठ और गलत भाषा से गुमराह कर रहा विपक्ष’
सभा के दौरान ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों की भाषा और शैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ नेता लगातार झूठे आरोप लगाकर और गलत शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन जनता सच्चाई समझती है और ऐसे आरोपों से प्रभावित नहीं होगी।
विकास के मुद्दे पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने राज्य में हुए विकास कार्यों को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि औद्योगिक और शहरी विकास के तहत कई अहम परियोजनाएं पूरी की गई हैं। उन्होंने Asansol को जिला बनाने, Kazi Nazrul University के विस्तार और Kazi Nazrul Islam Airport जैसे प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य लगातार प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
खनन क्षेत्र और मजदूरों के मुद्दे पर उठाए सवाल
पांडवेश्वर क्षेत्र की पहचान कोयला खदानों से जुड़ी है, ऐसे में ममता बनर्जी ने यहां के श्रमिकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मजदूर कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, लेकिन उनके श्रम का पूरा लाभ उन्हें नहीं मिल पाता। उन्होंने यह भी बताया कि खदानों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने कई प्रस्ताव दिए थे, जिन्हें लागू नहीं किया गया।ममता ने जोर देकर कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों की भलाई सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
विपक्ष पर लूट और अफवाह फैलाने का आरोप
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे केवल अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे हथकंडों को समझ चुकी है और चुनाव में इसका जवाब जरूर देगी।
ममता vs शुभेंदु: बंगाल में टकराव हुआ और तेज
बंगाल चुनाव 2026 अब पूरी तरह हाई-वोल्टेज मुकाबले में बदल चुका है। एक तरफ ममता बनर्जी का नेतृत्व है, तो दूसरी ओर विपक्ष की कमान शुभेंदु अधिकारी जैसे नेताओं के हाथ में है। पांडवेश्वर की यह रैली साफ संकेत देती है कि आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होंगे और चुनावी जंग और दिलचस्प होती जाएगी।