Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 26 Mar, 2026 07:02 PM

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में बीजेपी ने 28 मार्च को कोलकाता में एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाने की तैयारी की है, जहां केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ ‘ब्लैक पेपर’ यानी आरोप पत्र जारी करेंगे।
बीजेपी की रणनीति: सरकार की ‘नाकामियों’ को मुद्दा बनाना
बीजेपी इस ब्लैक पेपर के जरिए Mamata Banerjee सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी में है। पार्टी का फोकस कथित भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक हिंसा और प्रशासनिक विफलताओं पर रहेगा। इसके अलावा बीजेपी यह भी आरोप लगा रही है कि राज्य सरकार एक खास वर्ग की राजनीति कर रही है और विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक नंदीग्राम जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए टीएमसी सरकार की छवि पर सवाल उठाए जाएंगे। साथ ही बेरोजगारी और विकास की रफ्तार को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति बनाई गई है।
टीएमसी का बीजेपी और चुनाव आयोग पर सवाल
दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने बीजेपी के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। टीएमसी ने यहां तक आरोप लगाया है कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही और बाहरी लोगों को लाकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी अपनी सरकार के विकास कार्यों, सामाजिक योजनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है।
घोषणापत्र से और तेज होगी सियासत
बीजेपी 28 मार्च को ब्लैक पेपर जारी करने के बाद अप्रैल में अपना चुनावी घोषणापत्र भी पेश करने की तैयारी में है। पार्टी का लक्ष्य है कि राज्य में एक मजबूत नैरेटिव तैयार किया जाए, जिससे मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित किया जा सके।
28 मार्च को कोलकाता में अमित शाह की मौजूदगी में ब्लैक पेपर जारी होने के बाद बंगाल की राजनीति और ज्यादा गरमा सकती है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।