Edited By Mansa Devi,Updated: 11 Feb, 2026 11:16 AM

सोना और चांदी की कीमतों में इस साल लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 29 जनवरी को रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि अब एक बार फिर बाजार में तेजी लौटी है।
नेशनश डेस्क: सोना और चांदी की कीमतों में इस साल लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 29 जनवरी को रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि अब एक बार फिर बाजार में तेजी लौटी है। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना और चांदी के वायदा भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला।
एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में बड़ा उछाल
सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन एमसीएक्स पर 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ने खुलते ही तेज रफ्तार पकड़ी। पिछला बंद भाव 2,52,548 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि ओपनिंग के साथ ही इसकी कीमत बढ़कर 2,60,838 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। यानी एक ही झटके में चांदी करीब 8,290 रुपये महंगी हो गई। इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर इस धातु की ओर खींचा है।
रिकॉर्ड हाई से अभी भी काफी नीचे है चांदी
हालांकि ताजा उछाल के बावजूद चांदी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से काफी नीचे है। 29 जनवरी को चांदी पहली बार 4 लाख रुपये का स्तर पार कर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट आई। मौजूदा भाव की तुलना उस उच्च स्तर से करें तो चांदी अब भी लगभग 1,59,000 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती बनी हुई है।
सोने में भी दिखी मजबूती
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना पिछले कारोबारी दिन 1,56,803 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। बुधवार को बाजार खुलते ही इसमें 1,633 रुपये की बढ़त दर्ज हुई और भाव बढ़कर 1,58,436 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सोने में भी बनी हुई है।
उच्चतम स्तर से अब भी नीचे है सोना
सोना भी अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे कारोबार कर रहा है। 29 जनवरी को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया था। मौजूदा भाव उस स्तर से करीब 34,660 रुपये कम है। कुल मिलाकर, हालिया गिरावट के बाद अब बाजार में फिर से तेजी का रुख दिखाई दे रहा है। हालांकि कीमतें अभी भी अपने शिखर से नीचे हैं, जिससे निवेशकों के लिए बाजार की दिशा पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।