नगर निकायों में BJP बोर्ड बनाने के लिए करोड़ों की दी जा रही रिश्वत, राजस्थान के पूर्व CM ने लगाए गंभीर आरोप

Edited By Updated: 17 Sep, 2026 02:15 PM

gehlot alleges crores in bribes to form bjp boards in rajasthan civic bodies

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय का एक IAS अधिकारी कलेक्टरों और SDM को धमका रहा है ताकि नगर निकायों में BJP के बोर्ड बन सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सदस्यों को चेयरमैन और मेयर बनाने के...

जयपुर (राजस्थान) : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय का एक IAS अधिकारी कलेक्टरों और SDM को धमका रहा है ताकि नगर निकायों में BJP के बोर्ड बन सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सदस्यों को चेयरमैन और मेयर बनाने के लिए करोड़ों रुपए रिश्वत के तौर पर खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा आखिरकार सार्वजनिक कार्यों से वसूला जाएगा और भ्रष्टाचार का बोझ जनता पर पड़ेगा। 

गहलोत ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'राजस्थान में लोकतंत्र को खुलेआम लूटा जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय का एक IAS अधिकारी कलेक्टरों और SDM को धमका रहा है कि किसी भी तरह BJP का बोर्ड बनाया जाए। BJP सदस्यों को चेयरमैन और मेयर बनाने के लिए निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों को करोड़ों रुपए की रिश्वत दी जा रही है; जो मना करते हैं, उन्हें पुलिस जबरदस्ती उठा ले जाती है और डराती-धमकाती है।' 

उन्होंने सवाल किया कि जो लोग मेयर या चेयरमैन बनने के लिए भारी रकम खर्च कर रहे हैं, क्या वे जनसेवा पर ध्यान देंगे या अपना निवेश वसूलने पर? "सोचिए: जो व्यक्ति मेयर या चेयरमैन बनने के लिए करोड़ों खर्च करता है क्या वह जनता की सेवा करेगा या अपनी लगाई गई पूंजी वसूलने में व्यस्त रहेगा? रिश्वत जितनी बड़ी होगी, वसूली भी उतनी ही बड़ी होगी और यह वसूली सड़कों, जमीन के आवंटन, नालियों और जनता के लिए किए जाने वाले हर छोटे-बड़े सार्वजनिक काम की फाइलों से की जाएगी। अगले पांच वर्षों तक, जनता को अपने ही शहर में हर काम के लिए भारी रिश्वत देनी होगी। यह सिर्फ BJP की राजनीति नहीं है, यह आपकी जेब पर सीधी डकैती है। जनता को अब जागना होगा, वरना यह लूट निश्चित रूप से आपके दरवाजे तक पहुंचेगी।' 

इस बीच राजस्थान में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने कहा कि जयपुर में जिन चार वार्डों में दोबारा मतदान हुआ, वहां BJP की 4-0 से हार यह संदेश है कि सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोगों के भरोसे पर चलता है और आरोप लगाया कि पुलिस, प्रशासन और सत्ता में बैठे लोगों का दबाव जनता के जनादेश से ऊपर नहीं हो सकता। 

जूली ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 'जनता की राय के सामने सत्ता का अहंकार, तानाशाही और पूरी सरकारी मशीनरी आखिरकार बौनी साबित होती है, जयपुर ने आज यह दिखा दिया। भले ही बीजेपी ने जयपुर नगर निगम में बहुमत हासिल किया हो, लेकिन जिन 4 वार्डों में दोबारा वोटिंग हुई उनमें बीजेपी की 4-0 से करारी हार यह साफ संदेश देती है कि जनता बदलाव चाहती है और सत्ता में बैठे लोगों की ताकत से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।' 

पोस्ट में लिखा था, 'मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र पुलिस, प्रशासन और सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे से चलता है। लोकतंत्र में आखिरी फैसला जनता का होता है और जनता के जनादेश के सामने हर तरह के अहंकार को जवाबदेह होना पड़ता है।' 
 

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