UGC Equity Rules 2026 पर बवाल! हिंदू सेना ने PM मोदी से की तत्काल समीक्षा की मांग

Edited By Updated: 27 Jan, 2026 07:40 PM

ugc equity rules 2026 trigger fresh controversy

UGC Equity Rules 2026 को लेकर देशभर में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव-मुक्त वातावरण के उद्देश्य से बनाए गए इन नए नियमों पर अब सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और छात्रों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।

नेशनल डेस्क: UGC Equity Rules 2026 को लेकर देशभर में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव-मुक्त वातावरण के उद्देश्य से बनाए गए इन नए नियमों पर अब सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और छात्रों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। इसी कड़ी में हिंदू सेना ने केंद्र सरकार से इन नियमों की पुनर्समीक्षा की मांग उठाई है।

प्रधानमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उन्होंने नियमों की मूल भावना—समान अवसर, सामाजिक समरसता और भेदभाव के खिलाफ सख्ती—की सराहना की, लेकिन इसके व्यावहारिक पहलुओं को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए।

नियमों के दुरुपयोग को लेकर जताई गई आशंका

ज्ञापन में हिंदू सेना ने चेताया कि यदि पर्याप्त सुरक्षा प्रावधान नहीं किए गए, तो ये नियम उल्टा नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रमुख चिंताएं इस प्रकार बताई गई हैं:

  • फर्जी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों का खतरा: नियमों में झूठे आरोप लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान नहीं।
  • व्यक्तिगत रंजिश का हथियार बन सकते हैं नियम: वैचारिक मतभेद या निजी दुश्मनी के चलते शिक्षक और छात्र निशाना बन सकते हैं।
  • कैंपस में तनाव बढ़ने की आशंका: समानता की जगह अविश्वास और विभाजन का माहौल बनने का खतरा, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।

हिंदू सेना ने सरकार से मांग की है कि नियमों को लागू करने से पहले मजबूत जांच प्रक्रिया, निष्पक्ष अपील प्रणाली और गलत शिकायतों पर दंड का स्पष्ट ढांचा तैयार किया जाए।

क्या हैं UGC Equity Rules 2026 और क्यों हो रहा विरोध?

UGC द्वारा जारी ये नए विनियम 2012 के पुराने दिशा-निर्देशों की जगह लाए गए हैं। इनके तहत अब SC/ST के साथ-साथ OBC, दिव्यांग, महिलाएं और अन्य वर्ग भी भेदभाव की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

  • हर उच्च शिक्षा संस्थान में Equal Opportunity Centre (EOC) और Equity Committee का गठन अनिवार्य होगा।
  • कमेटियों में आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व जरूरी किया गया है।

हालांकि, विरोध कर रहे समूहों का कहना है कि नियमों में झूठी शिकायतों पर सजा का प्रावधान नहीं, जिससे जनरल कैटेगरी के छात्रों और शिक्षकों के उत्पीड़न का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन, UGC मुख्यालय के बाहर धरना और सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!