Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 12 Mar, 2026 10:39 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NXT Summit 2026 को संबोधित करते हुए वैश्विक ऊर्जा संकट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने पूरी दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट की ओर धकेल दिया है।
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NXT Summit 2026 को संबोधित करते हुए वैश्विक ऊर्जा संकट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने पूरी दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट की ओर धकेल दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक परिस्थिति का असर भारत पर भी पड़ सकता है, लेकिन सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
“कोविड की तरह इस संकट से भी निकलेंगे”
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों के भरोसे का जिक्र करते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता किसी भी चुनौती से निपटने की ताकत रखती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश ने COVID-19 महामारी के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया, उसी तरह मौजूदा ऊर्जा संकट से भी भारत मजबूती के साथ बाहर आएगा।
LPG को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर निशाना
प्रधानमंत्री ने एलपीजी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से घबराहट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि ऐसी राजनीति करने वाले लोग खुद ही जनता के सामने बेनकाब हो रहे हैं।
सभी से एकजुट रहने की अपील
पीएम मोदी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सभी वर्गों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल, मीडिया, युवा और समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना चाहिए ताकि देश इस संकट का सामना मजबूती से कर सके।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। उनके अनुसार, 2014 से पहले देश में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व की क्षमता बहुत सीमित थी, लेकिन अब यह बढ़कर 50 लाख टन से अधिक हो चुकी है और इसे और विस्तार देने की योजना पर काम चल रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में ऊर्जा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं: देश में LPG कनेक्शन की संख्या 2014 के लगभग 14 करोड़ से बढ़कर 33 करोड़ से अधिक हो गई है। LNG टर्मिनल की संख्या भी दोगुनी हो चुकी है, जिससे गैस सप्लाई नेटवर्क मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पहलों के कारण वैश्विक संकटों के बावजूद भारत स्थिर और तेज विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
“भारत से जुड़ना ही भविष्य का रास्ता”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया भारत की बढ़ती ताकत को पहचान रही है। उनके मुताबिक, वैश्विक स्तर पर यह धारणा मजबूत हो रही है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था और विकास में भागीदारी के लिए भारत के साथ जुड़ना जरूरी है।