Edited By Parveen Kumar,Updated: 28 Oct, 2026 05:40 PM

पत्रकार से नेता बने उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हरिद्वार जिले की खानपुर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कुमार ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस के असहयोगात्मक रवैये से क्षुब्ध होकर उन्होंने...
नेशनल डेस्क : पत्रकार से नेता बने उत्तराखंड के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हरिद्वार जिले की खानपुर सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले कुमार ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस के असहयोगात्मक रवैये से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। कुमार ने कहा, ''हमने विपक्ष (कांग्रेस) को हर मुददे पर सहयोग दिया। वे अध्यक्ष के आसन के सामने गए, हम उनके साथ गए । यहां तक कि जब विपक्ष (गैरसैंण में अगस्त 2025 में हुए विधानसभा सत्र के दौरान) रात में सदन में जमीन पर सोया, हम उनके साथ रहे।'' उन्होंने कहा कि लेकिन उन्हें हरिद्वार और किसानों के मुददों पर कभी विपक्ष का साथ नहीं मिला।
कुमार ने कहा कि उन्होंने इस बार विपक्ष से सहयोग की उम्मीद छोड़ दी। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगली बार ''हम भी कुछ संख्या बल लाने का प्रयास करेंगे और बताएंगे कि लड़ाई कैसे लड़ी जाती है।'' राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगले साल प्रस्तावित चुनाव से ठीक पहले इस्तीफा देने के बाद कुमार अब अपनी पत्नी सोनिया शर्मा द्वारा नवगठित जन निर्माण पार्टी की कमान अपने हाथों में ले सकते हैं और कुछ सीट पर अपने प्रत्याशी उतार कर राजनीतिक जमीन को मजबूत कर सकते हैं ।
वर्ष 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुई बगावत के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत का 'स्टिंग ऑपरेशन' कर कुमार ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। दिलचस्प है कि कुमार का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है जब रावत ने अगले विधानसभा चुनाव में खानपुर से उतरने की इच्छा जाहिर की है। रावत ने इस संबंध में कहा है कि खानपुर के लोगों के आग्रह पर वह वहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन इस बारे में निर्णय कांग्रेस नेतृत्व ही लेगा।