पिलिभीत की बांसुरी से वैश्विक व्यापार तक: केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने IIP डायमंड जुबली समारोह में रखी भारत की पैकेजिंग विज़न की मजबूत नींव

Edited By Updated: 15 May, 2026 07:50 PM

union minister jitin prasada laid a strong foundation for indias packaging

भारतीय पैकेजिंग संस्थान (Indian Institute of Packaging – IIP) ने 14 मई 2026 को मुंबई में अपने डायमंड जुबली वर्ष समारोह की भव्य शुरुआत की। इस अवसर पर संस्थान ने पैकेजिंग नवाचार, सतत विकास, शिक्षा, अनुसंधान और औद्योगिक प्रगति में अपने 60 वर्षों के...

नेशनल डेस्कः भारतीय पैकेजिंग संस्थान (Indian Institute of Packaging – IIP) ने 14 मई 2026 को मुंबई में अपने डायमंड जुबली वर्ष समारोह की भव्य शुरुआत की। इस अवसर पर संस्थान ने पैकेजिंग नवाचार, सतत विकास, शिक्षा, अनुसंधान और औद्योगिक प्रगति में अपने 60 वर्षों के महत्वपूर्ण योगदान का उत्सव मनाया।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत स्थापित IIP ने वैज्ञानिक पैकेजिंग, निर्यात प्रतिस्पर्धा, स्किल डेवलपमेंट, टिकाऊ समाधान और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से भारत के पैकेजिंग सेक्टर को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यह विशेष समारोह संस्थान की छह दशक लंबी यात्रा को सम्मान देने के साथ-साथ “विकसित भारत” के विज़न के अनुरूप भविष्य उन्मुख और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री Jitin Prasada शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत की विकास यात्रा तकनीक और व्यापार जैसे दो मजबूत स्तंभों पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत अब केवल 140 करोड़ की आबादी वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया का एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार और सबसे बड़ा उभरता हुआ बाजार बन चुका है।

अपने संबोधन में जितिन प्रसाद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सतत तकनीकों और इनोवेशन आधारित मैन्युफैक्चरिंग को भारत की पैकेजिंग इंडस्ट्री और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “भविष्य उन्हीं देशों का होगा जो नवाचार, गुणवत्ता और स्थिरता को अपनाएंगे। पैकेजिंग सेक्टर भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई दिशा देगा। हमें केवल भारत में निर्माण ही नहीं, बल्कि भारत में डिजाइन और भारत में पैकेजिंग भी करनी होगी — पूरी दुनिया के लिए।”

जितिन प्रसाद ने कहा कि आज भारतीय उपभोक्ता बेहद जागरूक और गुणवत्ता को लेकर सजग हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब “एक्सपोर्ट क्वालिटी” और “डोमेस्टिक क्वालिटी” के बीच का अंतर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा, “गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा तीन बातों पर जोर देते हैं — क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी।”

अपने संसदीय क्षेत्र पिलिभीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि दुनिया में इस्तेमाल होने वाली लगभग 95 प्रतिशत बांसुरियां पिलिभीत में बनाई जाती हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा, “यदि मजबूत पैकेजिंग, ब्रांडिंग और सही प्रस्तुति मिले तो पिलिभीत की पारंपरिक बांसुरी भी दुनिया के हर कोने तक पहुंच सकती है। यही गुणवत्ता पूर्ण पैकेजिंग की असली ताकत है।”

कार्यक्रम में उन्होंने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) के जरिए उभरते अवसरों और भारत के तेजी से वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग एवं निवेश केंद्र बनने पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों, स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और MSMEs को संबोधित करते हुए रिसर्च, बायोडिग्रेडेबल सामग्री, सस्टेनेबल पैकेजिंग और आधुनिक टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि भारतीय उद्योग वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

जितिन प्रसाद ने “जन विश्वास बिल” जैसे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनावश्यक नियमों और जटिलताओं को कम करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “भारत निवेशकों के लिए रेड टेप नहीं, बल्कि रेड कार्पेट बिछाना चाहता है।”

कार्यक्रम में प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट Raju Desai विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, निर्यातक, शिक्षाविद, निर्माता और देशभर से जुड़े हितधारक भी समारोह में शामिल हुए। यह आयोजन IIP के डायरेक्टर R K Mishra और चेयरमैन Prabhakar Bantwal के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम को और खास बनाते हुए महाराष्ट्र सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल Amitabh Singh ने IIP के 60 वर्षों के योगदान को सम्मानित करते हुए एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया। इस अवसर पर IIP के डिप्टी डायरेक्टर एवं इंटरनेशनल पैकेजिंग सेंटर प्रमुख Shekhar Amberkar ने संस्थान की वैश्विक पहुंच और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।

समारोह के दौरान डायमंड जुबली लोगो का अनावरण, स्मारिका का विमोचन तथा Footwear Design & Development Institute (FDDI) के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इसके साथ ही “भारत पैकेजिंग एक्सपो 2027” की विशेष प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें भारत की बढ़ती वैश्विक औद्योगिक और पैकेजिंग क्षमता को दर्शाया गया।

कार्यक्रम में स्मार्ट पैकेजिंग, सर्कुलर इकोनॉमी, सस्टेनेबल मटेरियल्स और इनोवेशन आधारित मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अपने संबोधन में शेखर अंबरकर ने कहा, “पिछले छह दशकों से भारतीय पैकेजिंग संस्थान नवाचार, शिक्षा और स्थिरता का मजबूत केंद्र रहा है। डायमंड जुबली वर्ष में प्रवेश करते हुए हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और भविष्य-केंद्रित पैकेजिंग समाधानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।”

वहीं अमिताभ सिंह ने कहा, “यह स्मारक डाक टिकट उस संस्थान को सम्मान देने का प्रतीक है जिसने औद्योगिक विकास, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज पैकेजिंग केवल सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स तक सीमित नहीं, बल्कि यह स्थिरता, संवाद और आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।”

IIP का डायमंड जुबली वर्ष पूरे साल विभिन्न कॉन्फ्रेंस, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, अकादमिक पहल, इनोवेशन आधारित साझेदारियों और सस्टेनेबिलिटी केंद्रित कार्यक्रमों के जरिए मनाया जाएगा, जो भारत की विकास यात्रा में पैकेजिंग सेक्टर की बदलती और महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करेगा।


 

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