Edited By Parminder Kaur,Updated: 24 May, 2025 12:45 PM

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें सीज़न को जब भी याद किया जाएगा, वैभव सूर्यवंशी का नाम ज़रूर लिया जाएगा। बेशक उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स प्लेऑफ़ में जगह नहीं बना पाई, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। अपने IPL करियर की पहली गेंद पर...
नेशनल डेस्क. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें सीज़न को जब भी याद किया जाएगा, वैभव सूर्यवंशी का नाम ज़रूर लिया जाएगा। बेशक उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स प्लेऑफ़ में जगह नहीं बना पाई, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। अपने IPL करियर की पहली गेंद पर छक्का लगाने के बाद उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ़ महज़ 35 गेंदों में ऐतिहासिक शतक जड़कर सबको चौंका दिया। यह युवा खिलाड़ी अब अपने घर समस्तीपुर लौट गया है, जहाँ उसके परिवार ने गर्मजोशी से उसका स्वागत किया।
IPL में धमाकेदार एंट्री
राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था, तब उनकी उम्र केवल 13 साल थी। इतनी कम उम्र में IPL का हिस्सा बनने के कारण वह पहले ही सुर्खियों में आ गए थे, लेकिन जब उन्होंने मैदान पर कदम रखा तो उन्होंने अपने खेलने के अंदाज़ से साबित कर दिया कि वह किस शैली के बल्लेबाज हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में खेले 7 मैचों में कुल 252 रन बनाए, जिसमें गुजरात टाइटंस के खिलाफ़ 35 गेंदों में बनाया गया रिकॉर्ड शतक भी शामिल है। यह शतक IPL में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज़ शतक है। इसके साथ ही वह टी20 क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी बन गए हैं।
घर वापसी और सम्मान
गुरुवार को जब वैभव अपने घर समस्तीपुर लौटे, तो उनके दोस्तों और परिवार वालों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर केक काटा गया और उन्हें मालाएँ पहनाई गईं, जो उनके शानदार प्रदर्शन का प्रतीक थीं।
अंडर-19 टीम में चयन

IPL में अपने शानदार प्रदर्शन का इनाम वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से भी मिला है। उन्हें अगले महीने इंग्लैंड दौरे के लिए अंडर-19 टीम में चुना गया है। इस टीम की कमान आयुष म्हात्रे के हाथों में होगी, जो IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल रहे थे।
वैभव का प्रारंभिक जीवन
वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर ज़िले के ताजपुर गांव में हुआ था। वह अभी भी वहीं रहते हैं। घरेलू क्रिकेट में वह बिहार क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। बताया जाता है कि उन्होंने 4 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआत में उनके पिता ने ही उन्हें क्रिकेट के गुर सिखाए और 9 साल की उम्र में उन्हें क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलवाया गया।