Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 May, 2026 12:15 AM

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बेबस बेटा जिलाधिकारी (DM) के दफ़्तर में अपनी घायल मां के लिए...
नेशनल डेस्क : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से प्रशासनिक लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बेबस बेटा जिलाधिकारी (DM) के दफ़्तर में अपनी घायल मां के लिए मदद की गुहार लगा रहा है, लेकिन DM उसकी बात सुनने के बजाय अपने फोन पर 'रील्स' देखने में व्यस्त हैं।
जानकारी के अनुसार एक नागरिक अपनी बुज़ुर्ग माँ पर बंदरों के जानलेवा हमले की शिकायत लेकर DM के पास पहुंचा था। उसकी मां के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें कई टांके लगवाने पड़े थे। पीड़ित ने बताया कि उसने इससे पहले जिला वन अधिकारी (DFO) को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वीडियो में देखा जा सकता है कि जब पीड़ित अपनी मां की दर्दनाक हालत बयां कर रहा था, तब DM ने उससे नज़रें भी नहीं मिलाईं। सहानुभूति या दिलासा देने के बजाय, अधिकारी लगातार अपने फ़ोन की स्क्रीन स्क्रॉल करते रहे। नागरिक की दर्दभरी गुहार को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया पर लोग इसे प्रशासनिक लापरवाही और अहंकार का एक बड़ा उदाहरण बता रहे हैं। लोगों का सवाल है कि अगर ऊँचे पदों पर बैठे ज़िम्मेदार लोग ही आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति इतने असंवेदनशील हो जाएँ, तो आम आदमी न्याय के लिए कहाँ जाएगा?