क्या होने वाला है तमिलनाडु में महा-धमाका? पलानीस्वामी के एक रहस्यमयी वादे ने हिला दी थलापति विजय की कुर्सी

Edited By Updated: 08 May, 2026 12:33 PM

palaniswami s claim on tvk creates a stir

तमिलनाडु में सत्ता का सस्पेंस बरकरार है। मतगणना को चार दिन बीत गए हैं, ऐसे में सरकार किसकी बनेगी, इस पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इसी बीच, AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी...

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु में सत्ता का सस्पेंस बरकरार है। मतगणना को चार दिन बीत गए हैं, ऐसे में सरकार किसकी बनेगी, इस पर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इसी बीच, AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पलानीस्वामी ने संबोधन के दौरान आत्मविश्वास के साथ कहा कि अच्छी खबर आने वाली है। उन्होंने विधायकों को भरोसा दिलाया कि अगली सरकार AIADMK की ही होगी।

जानकारी के लिए बता दें कि AIADMK के 47 विधायकों को टूट-फूट और खरीद-फरोख्त (Horse-trading) के डर से रिसॉर्ट में शिफ्ट किया गया है। EPS को सबकी सहमति से विधायक दल का नेता चुनकर सभी ने उनके प्रति अपना समर्थन पत्र सौंपा है।

विजय की TVK सबसे आगे, पर बहुमत से दूर

तमिलनाडु में विजय थालापति ने 2 साल के अंदर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इस साल के चुनावों में 108 सीटों पर बहुमत हासिल करते हुए बड़े दल के रुप सामने आया है। हालांकि, यह जादुई आंकड़े (बहुमत) से अब भी दूर है। इस सियासी शून्य का फायदा उठाने के लिए DMK और AIADMK जैसी पुरानी पार्टियां जोड़-तोड़ की रणनीति में जुट गई हैं।

PunjabKesari

DMK और कांग्रेस के रिश्तों में खटास

दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ DMK के भीतर भी मंथन का दौर जारी है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई बैठक में कांग्रेस के प्रति नाराजगी जाहिर की गई। दरअसल, कांग्रेस ने गठबंधन में रहते हुए भी थलापति विजय की TVK को समर्थन देने के संकेत दिए हैं, जिसे DMK ने विश्वासघात की तरह देखा है। स्टालिन को अब स्थिर सरकार के लिए किसी भी बड़े राजनीतिक फैसले लेने के लिए अधिकृत किया गया है।

राज्यपाल का रुख और 'प्लान-बी'

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी पार्टी या गठबंधन बहुमत साबित करने की स्थिति में होगा, उसे ही सरकार बनाने का निमंत्रण दिया जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में अटकलें

क्या विजय को रोकने के लिए पुराने प्रतिद्वंद्वी DMK और AIADMK एक साथ आ सकते हैं? सूत्रों का दावा है कि यदि कोई अनैतिक गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश करता है, तो TVK के विधायक विरोध स्वरूप इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे राज्य दोबारा चुनाव की ओर बढ़ सकता है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!