ईरान से लेकर UAE तक भारत ने दिखाया दम, पश्चिम एशिया संकट में 11 लाख भारतीयों की सुरक्षित वापसी

Edited By Updated: 20 Apr, 2026 06:05 PM

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पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने 11 लाख से ज्यादा लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है। Ministry of External Affairs ने बताया कि अलग-अलग देशों से फ्लाइट ऑपरेशन जारी हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

International Desk:  पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए हैं। Ministry of External Affairs (MEA) के अनुसार 28 फरवरी से अब तक करीब 11.3 लाख लोग इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। यह वापसी लगातार चल रही फ्लाइट सेवाओं और वैकल्पिक रास्तों के जरिए संभव हो पाई है। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव  असीम महाजन (Aseem Mahajan) ने बताया कि जिन देशों का एयरस्पेस खुला है, वहां से नियमित या सीमित उड़ानें जारी हैं। खासकर संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) से भारत के लिए बड़ी संख्या में फ्लाइट्स चल रही हैं और एक दिन में करीब 100 से ज्यादा उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा सऊदी अरब (Saudi Arabia) और ओमान (Oman) से भी लगातार उड़ानें आ रही हैं।

 

कतर (Qatar) का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, इसलिए वहां से सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। वहीं Bahrain से भी उड़ानें शुरू करने की तैयारी चल रही है। दूसरी तरफ कुवैत (Kuwait) का एयरस्पेस बंद होने के कारण वहां से सीधी उड़ानें संभव नहीं हैं, इसलिए सऊदी अरब के दमाम एयरपोर्ट के जरिए भारतीयों को वापस लाया जा रहा है।  इरान(Iran) में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। वहां से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत ने विशेष व्यवस्था की है। अब तक 2,400 से ज्यादा लोगों को ईरान से बाहर निकालकर आर्मेनिया (Armenia) और अजेरबजान (Azerbaijan) के रास्ते भारत भेजा गया है। इनमें बड़ी संख्या में छात्र और मछुआरे शामिल हैं। इजराइल  (Israel) से भी भारतीयों को निकालने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्हें जार्डन ( Jordan) और मिस्र (Egypt) के जरिए भारत लाया जा रहा है, क्योंकि सीधे उड़ानों में सीमित विकल्प उपलब्ध हैं।

 

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि एक विशेष कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है और सभी दूतावासों में हेल्पलाइन सक्रिय हैं। इससे भारतीय नागरिकों को तुरंत सहायता मिल रही है। खासतौर पर समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। भारत के लिए पश्चिम एशिया बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि यहां लाखों भारतीय काम करते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है। इसलिए भारत लगातार Israel, Iran और Palestine समेत सभी पक्षों से संपर्क बनाए हुए है। कुल मिलाकर, इस संकट के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और वापसी को प्राथमिकता देते हुए बड़े स्तर पर सफल ऑपरेशन चलाया है, जो कूटनीतिक और मानवीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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