Brain Activity After Death: मौत के बाद भी दिमाग में दिखी एक्टिविटी, नई स्टडी ने चौंकाया

Edited By Updated: 16 Apr, 2026 08:44 AM

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Brain Activity After Death: मौत के बारे में हमारी आम धारणा यह रही है कि जैसे ही दिल धड़कना बंद करता है, इंसान की मौत हो जाती है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई मेडिकल स्टडी ने इस धारणा को चुनौती देते हुए यह खुलासा किया है कि इंसान की मौत के बाद भी...

Brain Activity After Death: मौत के बारे में हमारी आम धारणा यह रही है कि जैसे ही दिल धड़कना बंद करता है, इंसान की मौत हो जाती है। लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई मेडिकल स्टडी ने इस धारणा को चुनौती देते हुए यह खुलासा किया है कि इंसान की मौत के बाद भी दिमाग पूरी तरह एक्टिव रहता है और मृत व्यक्ति अपने आसपास हो रही घटनाओं को सब सुन पाता है। 

इस शोध के अनुसार, दिल रुकने के बाद भी कुछ समय तक इंसान का दिमाग एक्टिव रह सकता है - और वह अपने आसपास हो रही चीजों को महसूस भी कर सकता है। यह शोध मेडिकल जर्नल Resuscitation में प्रकाशित हुआ है। इसमें डॉक्टरों ने पाया कि कुछ मरीज, जिन्हें clinically dead घोषित किया गया था लेकिन बाद में पुनर्जीवित (Resuscitated) किया गया, उन्हें उस दौरान की घटनाएं सब याद थीं।

क्या कहती है स्टडी?
इस रिसर्च का नेतृत्व न्यूयॉर्क के एक बड़े डॉक्टर ने किया। उन्होंने उन मरीजों से बातचीत की जो कार्डियक अरेस्ट (heart attack के बाद दिल का रुकना) के बाद वापस जीवित हुए थे। हैरानी वाली बात यह रही कि कई मरीजों ने बताया कि उन्हें अपने आसपास की बातें साफ-साफ याद थीं। करीब 40% मरीजों ने कहा कि उन्हें उस दौरान कुछ सोचने या महसूस करने का अनुभव हुआ था।

दिमाग कैसे रहता है एक्टिव?
शोध में पाया गया कि दिल रुकने के बाद भी दिमाग में कुछ खास तरह की तरंगें (brain waves) सक्रिय रहती हैं, जैसे: Gamma, Delta, Theta, Alpha, Beta ये तरंगें आमतौर पर सोचने, याद रखने और जागरूकता से जुड़ी होती हैं। हैरानी की बात यह है कि ये गतिविधियां दिल रुकने के 35 से 60 मिनट बाद तक भी देखी गईं।

क्या मरीज सच में सुन सकते हैं?
कुछ मरीजों ने दावा किया कि वे डॉक्टरों की बातें सुन पा रहे थे, यहां तक कि जब उन्हें मृत घोषित किया जा रहा था। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि वे अपने शरीर से अलग होकर भी कमरे में मौजूद हैं और सब कुछ देख-सुन रहे हैं।

Near Death Experience का कारण?
डॉक्टरों के अनुसार, जब दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो उसकी Normal Functioning बाधित हो जाती है। इस स्थिति में दिमाग एक तरह की hyper-focused अवस्था में चला जाता है। इसी कारण लोगों को अपना पूरा जीवन एक साथ याद आ सकता है। इतना ही नहीं वे गहरी भावनाएं महसूस कर सकते हैं और उन्हें लगता है कि वे पूरी तरह सचेत हैं।

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