कौन हैं तरणजीत सिंह संधू? जिन्हें बनाया गया दिल्ली का नया उपराज्यपाल

Edited By Updated: 10 Mar, 2026 09:52 PM

who is taranjit singh sandhu

दिल्ली में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (LG) नियुक्त किया है।

नई दिल्लीः दिल्ली में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल (LG) नियुक्त किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी विनय कुमार सक्सेना के पास थी, जिन्हें अब लद्दाख का उपराज्यपाल बनाया गया है। तरणजीत सिंह संधू 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी रह चुके हैं और वे अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में भी काम कर चुके हैं।

लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं

नए उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की पत्नी रीनत संधू भी भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी रह चुकी हैं। संधू ने साल 2024 में अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। फरवरी 2024 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और Bharatiya Janata Party में शामिल हो गए थे।

विदेश सेवा में लंबा अनुभव

तरणजीत सिंह संधू ने अपने कूटनीतिक करियर की शुरुआत यूक्रेन में भारतीय दूतावास खोलने और वहां राजनीतिक व प्रशासनिक विंग के प्रमुख के रूप में की थी।

इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, जिनमें शामिल हैं:

  • Washington D.C. में प्रथम सचिव

  • Frankfurt में भारत के महावाणिज्य दूत

  • वाशिंगटन में उप-राजनयिक प्रमुख

  • विदेश मंत्रालय में कई अहम पद

इसके अलावा उन्होंने Sri Lanka में भारत के उच्चायुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

अमेरिका में भारत के राजदूत रहे

तरणजीत सिंह संधू ने फरवरी 2020 में अमेरिका में भारत के राजदूत का पद संभाला था और जनवरी 2024 तक इस पद पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन के साथ भी करीबी सहयोग में काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद वे US-India Strategic Partnership Forum में बोर्ड सलाहकार और इसके भू-राजनीतिक संस्थान के अध्यक्ष के रूप में भी जुड़े रहे।

अमृतसर में जन्म और शिक्षा

तरणजीत सिंह संधू का जन्म पंजाब के अमृतसर में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई भी अमृतसर में ही हुई। इसके बाद उन्होंने St. Stephen's College से इतिहास विषय में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया और 1988 बैच के IFS अधिकारी बने। अपने लंबे कूटनीतिक करियर में उन्होंने दुनिया के कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में क्या होगी भूमिका

दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में तरणजीत सिंह संधू की भूमिका काफी अहम होगी। उन्हें प्रशासनिक समन्वय बनाए रखना, कानून-व्यवस्था की निगरानी करना, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच तालमेल बनाए रखना जैसी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उनके लंबे प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वे दिल्ली के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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