'क्या देश में चम्मचों की कमी है?', नितिन गडकरी ने चीनी इंपोर्ट पर जताई हैरानी

Edited By Updated: 04 May, 2026 11:00 AM

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय इंडस्ट्री के बारे में एक बहुत ही हैरान करने वाली बात शेयर की है। एक इवेंट को संबोधित करते हुए गडकरी ने अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि जब वह माइक्रो, स्मॉल और मीडियम...

नेशनल डेस्क: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय इंडस्ट्री के बारे में एक बहुत ही हैरान करने वाली बात शेयर की है। एक इवेंट को संबोधित करते हुए गडकरी ने अपने पुराने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि जब वह माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) मिनिस्टर थे, तो उन्हें यह देखकर हैरानी हुई थी कि भारत जैसा देश चीन से चम्मच भी इंपोर्ट कर रहा था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश के MSME सेक्टर को मजबूत करने और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए एक अहम उपलब्धि शेयर की है। उन्होंने बताया कि कैसे भारतीय एयरलाइंस ने अब चीन से इंपोर्ट होने वाले चम्मचों की जगह भारत में बने बांस के चम्मचों को अपना लिया है।

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गडकरी ने चीन पर निर्भरता पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब वह MSME मिनिस्टर थे, तो उन्होंने देखा था कि भारत में छोटे चम्मच भी चीन से इंपोर्ट किए जा रहे थे। इस पर हैरानी जताते हुए और मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, "क्या देश में चम्मचों की कमी है?"। उनका कहना था कि ऐसी चीजों के लिए चीन पर निर्भरता चिंता की बात है।

घरेलू इंडस्ट्री को बढ़ावा

इस स्थिति को बदलने के लिए, उन्होंने एयरलाइंस को भारतीय कारीगरों द्वारा बनाए गए बांस के चम्मच इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने खुशी जताई और कहा कि उनकी अपील पर, एयरलाइंस ने अब इन देसी चम्मचों को अपना लिया है। इस कदम से न केवल चीन से इंपोर्ट कम हुआ है, बल्कि देश के MSME सेक्टर और बांस इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को रोजगार के नए मौके भी मिले हैं।

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