Edited By Radhika,Updated: 19 Aug, 2026 04:18 PM

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने अपनी आगामी आत्मकथा के बारे में कहा कि अपने जीवन के बारे में लिखना उनके लिए आसान नहीं था क्योंकि इसके लिए उन्हें वर्षों से अपने दिल में संजोकर रखे गए अनुभवों और भावनाओं को उजागर करना पड़ा। उन्होंने यह भी...
Congress: कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने अपनी आगामी आत्मकथा के बारे में कहा कि अपने जीवन के बारे में लिखना उनके लिए आसान नहीं था क्योंकि इसके लिए उन्हें वर्षों से अपने दिल में संजोकर रखे गए अनुभवों और भावनाओं को उजागर करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके जीवन में गम का पहाड़ टूटने और अपनों को खोने का दर्द ही उन्हें राजनीति में लेकर आया। सोनिया की 544 पन्नों की 'बिलॉन्गिंग : ए जर्नी ऑफ लव' शीर्षक वाली आत्मकथा नवंबर में प्रकाशित होगी। बीते मंगलवार को यहां प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ की ओर से जारी एक बयान में सोनिया गांधी ने कहा, ''गम का पहाड़ टूटने और अपनों को खोने के दर्द ने मुझे राजनीति की दुनिया में ला दिया। तब तक मैं अपनी निजता की पूरी तरह रक्षा करती थी।'' उन्होंने कहा, ''अपने जीवन के बारे में लिखना मेरे लिए आसान नहीं था। इसका मतलब था ऐसी बातों और उन पलों तथा अनुभवों को साझा करना, जिन्हें मैंने हमेशा अपने दिल में संजोकर रखा था।''
इस आत्मकथा को प्रकाशन संस्था नॉफ 10 नवंबर को हार्डकवर और ई-बुक संस्करण में जारी करेगी। इसका ऑडियो संस्करण पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। प्रकाशक ने बताया कि पुस्तक की पहली एक लाख प्रतियों की छपाई की घोषणा की गई है। इस प्रकाशन संस्था का मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि वह चाहती हैं कि यह पुस्तक उनके जीवन में आयी ''खुशियों और गहरी निराशा से भरी उनकी भावनात्मक यात्रा का प्रमाण बने।'' उन्होंने कहा, ''मेरे परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन बहुत कम विवरण ऐसे रहे हैं जो उनके फैसलों के पीछे की वास्तविक भावनाओं और वजहों, उनके कार्यों और उनकी बेहद मानवीय कमजोरियों की सच्चाई तक पहुंच पाए हों।'' उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ''कई मायनों में'' उनके परिवार की ''मानवीयता'' को समर्पित है। आत्मकथा में सोनिया गांधी के युद्धोत्तर इटली में उनके बचपन से लेकर भारत में उनके जीवन तक का वर्णन किया गया है, जहां उन्होंने राजीव गांधी से विवाह किया और उस समय देश की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी की बहू बनीं।
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सोनिया ने कहा कि राजनीति से धीरे-धीरे दूरी बनाने के बाद जब उन्होंने अपने जीवन को पीछे मुड़कर देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि ''उनके जीवन के हर पड़ाव को जोड़ने वाली कड़ी प्रेम और निष्ठा रही है।'' उन्होंने अपनी इस यात्रा को ''इटली के छोटे शहर में अपने बचपन की सरलता से लेकर भारत में बिताए वर्षों की जटिलता'' तक की यात्रा बताया। आत्मकथा की शुरुआत 1965 में इंग्लैंड के कैंब्रिज से होती है, जहां 19 वर्षीय छात्रा सोनिया माइनो को राजीव गांधी से पहली ही नजर में प्यार हो गया और बाद में दोनों ने शादी कर ली। इस पुस्तक में इंदिरा गांधी से उनकी पहली मुलाकात, हिंदी सीखने के उनके प्रयास, साड़ी पहनना और भारतीय व्यंजनों का आनंद लेना तथा गांधी परिवार पर आए दुखों के पहाड़ का भी उल्लेख है। राजीव गांधी के छोटे भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत के बाद 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या हुई। मां की हत्या के बाद राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने और इसके सात साल बाद चुनाव प्रचार के दौरान उनकी भी हत्या कर दी गई।
आत्मकथा में यह भी बताया गया है कि कई वर्षों तक राजनीति में आने के दबाव को टालने के बाद सोनिया गांधी ने आखिरकार सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके अलावा, 2004 में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने से उनके इनकार का भी उल्लेख है। गांधी ने कहा कि उनकी कहानी पाठकों को भारत में पिछले छह दशकों के दौरान हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को देखने का एक अनूठा नजरिया भी देती है। उन्होंने भारत को ''खूबसूरत देश'' बताया, जिसे वह ''अपना मानती'' हैं। नॉफ ने इस आत्मकथा को गांधी के जीवन, प्रेम, परिवार और भारत से उनके जुड़ाव की कहानी बताया है।
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प्रकाशक के अनुसार, यह पुस्तक भारत के ''स्वतंत्रता के बाद उथल-पुथल भरे इतिहास और वर्तमान राजनीतिक संघर्षों'' को एक अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। प्रकाशक ने कहा कि यह आत्मकथा पिछले छह दशकों में भारत में हुए आर्थिक और सामाजिक बदलावों का अंदरूनी नजरिया भी पेश करती है। इसमें गांधी ने पहचान, कर्तव्य और घर के वास्तविक अर्थ पर भी अपने विचार साझा किए हैं। नॉफ की कार्यकारी उपाध्यक्ष, प्रकाशक और प्रधान संपादक जॉर्डन पाव्लिन ने कहा कि प्रकाशन संस्था इस आत्मकथा को प्रकाशित करने के लिए ''सम्मानित'' महसूस कर रही है। उन्होंने इसे गांधी के जीवन, उनके संघर्ष, परिवार और इतिहास की कहानी बताया।