Amritsar वाले रोजाना डकार रहे 1 करोड़ से अधिक की दवाइयां, पढ़ें पूरी Report

Edited By Updated: 11 Feb, 2026 10:24 AM

people of amritsar are consuming medicines worth more than rs 1 crore daily

शहर में बढ़ा ‘एंटीबायोटिक’ का चलन :

अमृतसर (दलजीत): स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण ज़िले में अधिकांश डॉक्टर बिना आवश्यकता के मरीजों को भारी मात्रा में एंटीबायोटिक दवाइयां दे रहे हैं। ज़रूरत से ज़्यादा एंटीबायोटिक लेने से जहां शरीर के अच्छे बैक्टीरिया नष्ट हो रहे हैं, वहीं कई गंभीर बीमारियां भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। अमृतसर में रोज़ाना एक करोड़ रुपए से अधिक की एंटीबायोटिक दवाइयां सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में मरीजों को दी जा रही हैं। यही नहीं बिना कारण एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते चलन को रोकने के लिए विभाग की ओर से कोई ठोस नीति न बनाए जाने के कारण यह सिलसिला लगातार जारी है।

जानकारी के अनुसार शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल ने गंभीर स्वास्थ्य चिंता खड़ी कर दी है। सामान्य बुखार, सर्दी-खांसी और हलके संक्रमण के मामलों में भी मरीजों को भारी डोज़ की एंटीबायोटिक लिखे जाने के मामले सामने आ रहे हैं। जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जहां बिना उचित जांच के ही दवाइयां शुरू कर दी गईं। कई बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनमें तुरंत एंटीबायोटिक की ज़रूरत होती है लेकिन कई मामलों में इसके बिना भी मरीज ठीक हो सकता है। पंजाब केसरी की टीम द्वारा जब ज़िले के कई सरकारी और निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि बिना ज़रूरत एंटीबायोटिक दवाइयां लिखी जा रही थीं। इतना ही नहीं कई मैडीकल स्टोरों पर खुद डॉक्टर बनकर मरीजों को धड़ल्ले से ये दवाइयां दी जा रही थीं।

डॉक्टर की पर्ची के बिना दवा देना प्रतिबंधित
स्वास्थ्य विभाग के ज़ोनल लाइसैंसिंग अथॉरिटी कुलविंदर सिंह ने कहा कि विभाग की ओर से स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि बिना डॉक्टर की पर्ची के मरीज को एंटीबायोटिक दवा देना सख्त मना है। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग के आदेशों को ज़मीनी स्तर तक लागू करवाने के लिए टीमें पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं।

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