पंजाब कांग्रेस में 'जाति युद्ध' छिड़ा, राजा वड़िंग ने चन्नी के सवालों पर किया पलटवार

Edited By Updated: 19 Jan, 2026 03:31 PM

caste war breaks out in punjab congress

पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस में जाट सिख वर्सेज दलित शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह ने पार्टी में पदों के बंटवारे पर सवाल उठाए हैं।

चंडीगढ़ : पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस में जाट सिख वर्सेज दलित शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह ने पार्टी में पदों के बंटवारे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभा में विपक्ष के नेता और छात्र विंग NSUI के अध्यक्ष सभी जाट सिख हैं। दलितों को कोई महत्वपूर्ण पद नहीं दिया गया है। ऐसे में राज्य के 32 प्रतिशत दलितों को पार्टी में लीडरशिप नहीं मिल रही है। चन्नी ने शनिवार को चंडीगढ़ में हुई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की एससी सेल की मीटिंग में यह मुद्दा उठाया।

चन्नी की टिप्पणी के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने बड़ा बयान दिया है। राजा वड़िंग ने कहा कि घर की बातें घर में रहें तो बेहतर है। उन्होंने साफ किया कि वह इस मामले पर कोई विवाद नहीं खड़ा करना चाहते क्योंकि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। राजा वड़िंग ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के मेंबर हैं, जो कांग्रेस की सबसे शक्तिशाली संस्था है। उन्होंने कहा कि सुखजिंदर सिंह रंधावा मुख्यमंत्री बनते-बनते रह गए थे और आखिरकार चरणजीत सिंह चन्नी चीफ मिनिस्टर बने। अगर कांग्रेस में जातिवाद होता, तो यह कभी मुमकिन नहीं होता।

राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जाति या धर्म के नाम पर पॉलिटिक्स नहीं करती। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी या मल्लिकार्जुन खड़गे ने धर्म या जाति की पॉलिटिक्स की होती, तो शायद वे आज इस मुकाम पर नहीं होते। भाजपा पर निशाना साधते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि भाजपा की पॉलिसी हिंदू, सिख और दलितों को अलग करके पॉलिटिक्स करना है, जबकि कांग्रेस का सभी से रिश्ता है और वह सभी को बराबर देखती है। उन्होंने आखिर में कहा कि अगर कोई लीडर अपने विचार बताता है, तो वे उस व्यक्ति के पर्सनल विचार हो सकते हैं। 

गौरतलब है कि जब चन्नी ने ये बातें कहीं, तो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के एस.सी. सेल के प्रधान राजिंदर पाल गौतम, पंजाब के को-इंचार्ज रविंदर उत्तम राय दलवी और स्टेट प्रेसिडेंट अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी मौजूद थे। जैसे ही चन्नी ने बात की, मीटिंग में मौजूद एस.सी. नेताओं ने नारे लगाने शुरू कर दिए। चन्नी को माइक्रोफोन पर बोलने से रोक दिया गया और माइक्रोफोन बंद कर दिया गया। अब प्रधान राजा वड़िंग ने इस मामले पर बयान जारी किया है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!