क्या बनेगा पंजाब का? नशे ने 13 साल में उजाड़ा पूरा परिवार, पिता समेत 6 बेटों की मौ+त

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 09:02 AM

drugs in punjab

पंजाब में नशे का कहर लगातार जारी है। यहां के जगराओं के नजदीकी गांव शेरोवाल

लुधियाना: पंजाब में नशे का कहर लगातार जारी है। यहां के जगराओं के नजदीकी गांव शेरोवाल में नशे ने ऐसा कहर बरपाया कि एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। बीते 13 वर्षों में पहले पिता और फिर एक-एक कर 6 बेटों की मौत हो गई। अब इस घर में सिर्फ बुज़ुर्ग मां, एक बहू और एक पोता ही बचे हैं।

परिवार की बुज़ुर्ग मां छिंदर कौर उर्फ छिंदो बाई ने भरे मन से बताया कि उनके पति मुख्तियार सिंह मजदूरी करते थे, लेकिन उन्हें शराब की लत थी। वर्ष 2012 में शराब के नशे में हुए एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। यह इस परिवार में नशे के कारण हुई पहली मौत थी। पिता की मौत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी सबसे बड़े बेटे राजू पर आ गई। राजू ने अपने भाइयों के साथ मिलकर काम शुरू किया, लेकिन वह धीरे-धीरे गलत संगत में पड़ गया और नशे का शिकार हो गया। राजू को देखकर उसके बाकी भाई भी नशा तस्करों के जाल में फंसते चले गए और नशे की दलदल में इतने गहरे उतर गए कि बाहर नहीं निकल सके। मां छिंदर कौर के अनुसार, वह लगातार अपने बेटों को नशे से दूर रहने के लिए समझाती रहीं, लेकिन तस्कर उन्हें घर से बुलाकर ले जाते थे।

मौतों का यह दर्दनाक सिलसिला वर्ष 2013 में दूसरे नंबर के बेटे कुलवंत की मौत से आगे बढ़ा। इसके बाद मार्च 2021 में पांचवें बेटे गुरदीप और जुलाई 2021 में तीसरे बेटे जसवंत सिंह की मौत हो गई। नवंबर 2022 में सबसे बड़े बेटे राजू ने दम तोड़ दिया, जबकि मार्च 2023 में सबसे छोटे बेटे बलजीत की भी नशे की भेंट चढ़कर मौत हो गई। आखिरकार 14 जनवरी 2026 को चौथे नंबर के बेटे जसबीर सिंह की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। इस अंतिम हादसे के बाद परिवार ने पहली बार पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। यह मामला एक बार फिर पंजाब में नशे की भयावह सच्चाई को उजागर करता है।

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