Edited By Kalash,Updated: 15 Jan, 2026 01:26 PM

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बंगा के पास एक धार्मिक स्थल से 169 पवित्र स्वरूप बरामद किए जाने के दावे को गुरुद्वारा श्री नाभ कंवल राजा साहिब के प्रबंधकों ने झूठा करार दिया है।
पंजाब डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बंगा के पास एक धार्मिक स्थल से 169 पवित्र स्वरूप बरामद किए जाने के दावे को गुरुद्वारा श्री नाभ कंवल राजा साहिब के प्रबंधकों ने झूठा करार दिया है। बंगा में गुरुद्वारा श्री नाभ कंवल राजा साहिब के प्रबंधकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पवित्र स्वरूपों के लापता होने के मामले में बड़ा खुलासा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अमरीक सिंह बल्लोवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह अधिकार किसने दिए हैं कि वह उनके पास आकर उनके ही गुरु का हिसाब मांगे।
उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि सरकारों के पास कब से ये अधिकार हो गए हैं कि वह उनसे गुरु का हिसाब पूछें। गुरु ग्रंथ साहिब जी लोगों के गुरु हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बयान तो दिया लेकिन उन्हें नहीं पता कि राजा साहिब का सम्मान कैसे किया जाता है। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि 328 स्वरूप लापता होने का मामला 2014 से 2019 तक का है, जिसमें से 30 स्वरूप डेरे को दिए गए हैं। हमें 328 स्वरूप की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि हमें ऐसी पार्टियों की जरूरत नहीं है, जो झूठा प्रचार करके हमारे बीच फूट डाले।
उन्होंने कहा कि हमारे पास जो 169 स्वरूप हैं, उनमें से 107 स्वरूप SGPC द्वारा प्रकाशित किए गए मिले हैं। SGPC द्वारा प्रकाशित किए गए हैं 107 पवित्र स्वरूप 1978 से 2012 तक प्रकाशित है। इसके अलावा 62 स्वरूप ऐसे हैं, जो मल्टी प्रिंटिंग प्रेस से छापे गए हैं। 1978 से 2012 तक गुरु ग्रंथ साहिब जी के 79 स्वरूप प्रकाशित किए गए हैं। 30 बिरद स्वरूप को गोइंदवाल साहिब में जमा करवाया गया है। अमरीक सिंह ने कहा कि हम अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज से विनती करते हैं कि वे अपनी टीम भेजकर यहां आकर चेकिंग करवाएं। यहां के पवित्र स्वरूपों का निरिक्षण करें। हमारे पास सिट के मैंबर आते रहे हैं हमले तो खुद सिट को रिकॉर्ड दिया है।
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