पंजाब की कानून व्यवस्था पर Tarun Chugh ने उठाए सवाल, कहा- तुरन्त इस्तीफा दे CM भगवंत मान

Edited By Updated: 23 Feb, 2026 03:25 PM

tarun chugh raised questions on punjab law and order

गुरदासपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित एक पुलिस चौकी पर 2 पंजाब पुलिस कर्मियों की निर्मम हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि वीर जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और पूरा राष्ट्र उनके...

चंडीगढ़ : गुरदासपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित एक पुलिस चौकी पर 2 पंजाब पुलिस कर्मियों की निर्मम हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि वीर जवानों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और पूरा राष्ट्र उनके शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए इसे सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया।

चुघ ने इस मामले की तत्काल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला सामान्य राज्य स्तरीय जांच तक सीमित रखने योग्य नहीं है, बल्कि किसी बड़े षड्यंत्र की सच्चाई सामने लाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्यापक और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। चुघ ने इस घटना को सीमाई सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता बताते हुए भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अमृतसर में हाल ही में पुलिस स्टेशन को उड़ाने की धमकी और राज्यभर में पुलिस प्रतिष्ठानों पर एक दर्जन से अधिक ग्रेनेड हमलों की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि पंजाब में कानून व्यवस्था का ढांचा लगातार कमजोर हो रहा है।

मोहाली स्थित पुलिस मुख्यालय तक को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उच्च सुरक्षा जेलों के भीतर से आपराधिक गिरोहों का संचालन, ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की तस्करी और संगठित अपराध का बढ़ता जाल- ये सब मिलकर राज्य में अराजकता के खतरनाक सामान्यीकरण की ओर इशारा करते हैं। चुघ ने सवाल उठाया कि क्या राज्य का खुफिया तंत्र निष्क्रिय हो चुका है या फिर मान सरकार की प्राथमिकताएं कहीं और केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों में पंजाब की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बार-बार होने वाली गैंगवार, संगठित अपराध का विस्तार और सीमा-पार आतंकी मॉड्यूल्स की पुनर्सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि आंतरिक सुरक्षा ढांचा कमजोर पड़ चुका है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान जो स्वयं गृह विभाग भी संभाल रहे हैं पर निशाना साधते हुए चुघ ने कहा कि लगातार हो रही सुरक्षा विफलताओं के बाद वे नैतिक रूप से पद पर बने रहने का अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से गृह मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि प्रशासनिक ढिलाई ने असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों का मनोबल बढ़ाया है और पंजाब की स्थिरता को गंभीर खतरे में डाल दिया है।

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