Edited By Urmila,Updated: 14 Jan, 2026 05:46 PM

श्री मुक्तसर साहिब में माघी के मौके पर एक पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा पंजाब के प्रधान सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
श्री मुक्तसर साहिब : श्री मुक्तसर साहिब में माघी के मौके पर एक पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा पंजाब के प्रधान सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की लीडरशिप वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। जाखड़ ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने लैंड पूलिंग पॉलिसी के ज़रिए 50,000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार करने की योजना बनाई थी, लेकिन पंजाब के लोगों ने ऐसा नहीं होने दिया।
सुनील जाखड़ ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार का कोई पैमाना नहीं छोड़ा है। उनके भ्रष्टाचार का दायरा 5,000 रुपये से लेकर 50,000 करोड़ रुपये तक है। उन्होंने कहा कि उनके मंत्री विजय सिंगला 5,000 रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़े गए थे। लैंड पूलिंग पॉलिसी के ज़रिए उन्हें 50 हज़ार एकड़ ज़मीन लेनी थी और 1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से उन्होंने इसका अंदाज़ा 50 हज़ार करोड़ रुपये लगाया था, लेकिन पंजाबियों ने ऐसा नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि परसों भाजपा मुख्यमंत्री मान के घर का घेराव करेगी और उनसे पंजाब के मुद्दों पर सवाल पूछेगी।
आतिशी से माफी मंगवाते मान
इस मौके पर जाखड़ ने कहा कि ये लोग पूछ रहे हैं कि भाजपा माघी के मौके पर पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस कैसे कर रही है। उन्होंने कहा कि हर सिख को यहां आने का हक है। केंद्र की भाजपा सरकार ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोला, साहिबजादों की शहादत का संदेश पूरी दुनिया को दिया, हेमकुंट साहिब रोपवे बनाया, लाल किले पर प्रकाश पर्व मनाया गया। उन्होंने कहा कि आज वे लोग भी यहां कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, जिन्होंने बेअदबी की है। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान को अपनी पुलिस जांच पर इतना भरोसा होता, तो वो आज माघी के मौके पर आतिशी को यहां बुलाते। अगर आतिशी आज यहां आकर गुरु साहिब के सामने सिर झुकाकर अपनी गलती मान लेतीं, तो शायद पंजाबी उन्हें माफ कर देते।
पंजाब के प्रति भाजपा अपना फर्ज समझती है
इस बीच, सुनील जाखड़ ने कहा कि भाजपा पंजाब के प्रति अपना फर्ज समझती है। पंजाब को बुरे दौर से निकालने और यहां भाईचारा बनाए रखने के लिए भाजपा ने अकाली दल के साथ एक समझौता किया था। इस समझौते में एक नेशनल पार्टी एक लोकल पार्टी के साथ छोटे भाई की भूमिका में खड़ी हुई थी। यह कोई पॉलिटिकल समझौता नहीं था, बल्कि भाजपा ने पंजाब के भाईचारे के लिए अपना राज्य भी छोड़ दिया।
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