SIT पर अकाली दल ने उठाए सवाल, हरसिमरत ने कहा सुखबीर को फसाने की बन रही साजिश

Edited By Updated: 10 Jan, 2026 10:47 PM

the akali dal has raised questions about the sit investigation

शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी की सीनियर नेता हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे पर AAP सरकार पर तीखा हमला बोला है।

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी की सीनियर नेता हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे पर AAP सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन सरूपों जैसे बेहद संवेदनशील मामले की आड़ में पंजाब सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है।

हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बनाई गई SIT (विशेष जांच टीम) का मकसद न्याय करना नहीं, बल्कि अकाली दल के नेतृत्व को डराना और बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति को पंजाब की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

अकाली दल का कहना है कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन ‘सरूपों’ के लापता होने की जांच के नाम पर एक राजनीति से प्रेरित SIT का गठन किया है। पार्टी के अनुसार इस SIT का असली उद्देश्य अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को किसी झूठे मामले में फंसाना है।

SIT में शामिल अधिकारियों पर सवाल

अकाली दल नेताओं ने आरोप लगाया कि SIT में जानबूझकर ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो आम आदमी पार्टी के करीबी माने जाते हैं या जिनकी सुखबीर सिंह बादल से व्यक्तिगत रंजिश है। पार्टी ने इसे AAP सरकार के राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताया।

अकाली दल के मुताबिक SIT के सुपरवाइजरी अधिकारी अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर हैं। पार्टी का दावा है कि श्री दरबार साहिब परिसर में सुखबीर सिंह बादल पर हुए जानलेवा हमले के बाद उन्होंने करीब छह घंटे तक FIR दर्ज नहीं की। बाद में उन्होंने यह बयान भी दिया कि यह हमला सहानुभूति पाने के लिए रचा जा सकता है।

SIT के एक अन्य सदस्य SP हरपाल सिंह पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने हमलावर को उस जगह की रेकी कराने में मदद की, जहां अकाल तख्त साहिब के आदेश पर सुखबीर सिंह बादल सेवा कर रहे थे। वहीं SP गुरबंस सिंह बैंस को “दागी अधिकारी” बताते हुए अकाली दल ने कहा कि वे पहले भ्रष्टाचार के मामले में सजा पा चुके हैं और उन्हीं के जरिए बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया गया।

DSP बींत जूनजा को लेकर अकाली दल ने दावा किया कि वे पटियाला के एक AAP नेता के भाई हैं और हाल ही में उन्हें प्रमोशन देकर लुधियाना में तैनात किया गया है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए पूर्व SSP तरनतारन डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को विजिलेंस विभाग में लगाया है। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस की पत्नी ज्योति यादव को SSP बठिंडा नियुक्त किया गया है, ताकि वरिष्ठ अकाली नेताओं को निशाना बनाया जा सके।

सरकार पर घबराहट का आरोप

अकाली दल ने कहा कि AAP सरकार अकाली दल की वापसी से घबराई हुई है और इसी घबराहट में ऐसे कदम उठा रही है। पार्टी ने साफ कहा कि सुखबीर सिंह बादल इन धमकियों और दबाव से डरने वाले नहीं हैं। अकाली दल ने भरोसा जताया कि पंजाब की जनता के समर्थन और आशीर्वाद से वह इस विफल सरकार का डटकर सामना करेगा और सच्चाई जनता के सामने लाएगा।

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