Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Feb, 2026 07:14 PM

पंजाब विजीलैंस ने हलका कोटशमीर के एक पटवारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए पटवारी का नाम मनजोत सिंह बताया जा रहा है, जिसने किसान गगनदीप सिंह से उसकी जमीन की एन्हांसमेंट राशि जारी करवाने के...
बठिंडा (विजय वर्मा) : पंजाब विजीलैंस ने हलका कोटशमीर के एक पटवारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए पटवारी का नाम मनजोत सिंह बताया जा रहा है, जिसने किसान गगनदीप सिंह से उसकी जमीन की एन्हांसमेंट राशि जारी करवाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
मिली जानकारी के अनुसार किसान गगनदीप सिंह की जमीन केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत अधिग्रहित की गई थी। जमीन अधिग्रहण के बाद किसान को मुआवजा तो मिल गया था, लेकिन एन्हांसमेंट (अतिरिक्त मुआवजा राशि) की प्रक्रिया लंबित पड़ी थी। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पटवारी मनजोत सिंह ने किसान से 10 हजार रुपये की मांग की।
किसान ने रिश्वत देने की बजाय मामले की सूचना तुरंत विजिलेंस ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप लगाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार किसान को रंग लगे नोट देकर पटवारी के पास भेजा गया। विजिलेंस टीम ने पहले ही बठिंडा के पटवारखाने में जाल बिछा रखा था।
जैसे ही पटवारी मनजोत सिंह ने किसान से 10 हजार रुपये रिश्वत के रूप में प्राप्त किए, मौके पर मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। बाद में राशि भी बरामद कर ली गई।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वह पहले भी इस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हलचल मच गई है। विजिलेंस ब्यूरो ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी तुरंत शिकायत की जाए, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। फिलहाल आरोपी पटवारी को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।