Edited By Kamini,Updated: 12 Feb, 2026 01:18 PM

पंजाब के किसानों के लिए चिंता भरी खबर सामने आई है।
पंजाब डेस्क : पंजाब के किसानों के लिए चिंता भरी खबर सामने आई है। देश के प्रमुख कृषि राज्यों पंजाब और हरियाणा में किसानों पर बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता गहराती जा रही है। संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार इन दोनों राज्यों में प्रति कृषि परिवार पर बकाया ऋण राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पंजाब में प्रति खेतीबाड़ी परिवार पर औसतन लगभग 2.03 लाख रुपये से अधिक का कर्ज है, जबकि हरियाणा में यह आंकड़ा करीब 1.83 लाख रुपये, आंध्र प्रदेश 2.45 लाख रुपये, केरल 2.42 लाख रुपये के साथ पंजाब और हरियाणा क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। राजस्थान में प्रति परिवार कर्ज 1.13 लाख रुपये है, हिमाचल में यह 85,825 रुपये और जम्मू-कश्मीर में यह 30,435 रुपये है। तुलना करें तो पूरे देश में प्रति कृषि परिवार पर औसत कर्ज करीब 74 हजार रुपये के आसपास बताया गया है। इस लिहाज से पंजाब और हरियाणा राष्ट्रीय स्तर से कहीं आगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि खेती की बढ़ती लागत, उर्वरकों और डीजल के दाम, मौसम की मार, फसलों के स्थिर दाम और सीमित आय के चलते किसानों को कर्ज लेना पड़ रहा है। इसके अलावा छोटी जोत, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक खर्च भी आर्थिक दबाव बढ़ा रहे हैं। यदि आय बढ़ाने और लागत कम करने की ठोस रणनीति नहीं अपनाई गई तो आने वाले समय में किसानों की वित्तीय स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
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