Edited By Sahil Kumar,Updated: 12 Feb, 2026 03:04 PM

आजकल खराब खानपान और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण पेट का अल्सर तेजी से बढ़ रहा है। पेट की अंदरूनी परत में बनने वाला यह घाव समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है। लगातार पेट में जलन, एसिडिटी, मतली, भूख कम होना और काले या खून वाले मल जैसे लक्षण...
नेशनल डेस्कः आजकल की तेज जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खानपान के चलते कई लोग समय से पहले गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियों के साथ-साथ अब पेट के अल्सर की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। अल्सर पेट की अंदरूनी परत में होने वाला घाव है, जो समय पर इलाज न कराने पर गंभीर रूप ले सकता है। अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
पेट का अल्सर क्या है?
पेट का अल्सर तब होता है जब पेट की अंदरूनी परत कमजोर हो जाती है और पेट में बनने वाला एसिड उस पर असर डालने लगता है। लंबे समय तक यह असर बने रहने पर पेट की परत में घाव बन जाता है, जिसे अल्सर कहा जाता है।
शुरुआती कारण जो अल्सर को बढ़ावा देते हैं:
- लगातार दवाइयों का सेवन
- मसालेदार और तले-भुने भोजन का अधिक सेवन
- शराब और धूम्रपान
- पेट में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया का होना
- अत्यधिक तनाव लेना
पेट में अल्सर के प्रमुख लक्षण:
पेट में लगातार जलन या दर्द
अगर पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार जलन या चुभन जैसी तकलीफ रहती है, तो यह अल्सर का संकेत हो सकता है। यह दर्द खाने के बाद या खाली पेट अधिक महसूस होता है और कई बार रात में भी बढ़ सकता है।
बार-बार एसिडिटी और अपच
लगातार गैस, खट्टी डकार या अपच की शिकायत भी अल्सर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
मतली और उल्टी
पेट में सूजन या जलन के कारण अक्सर मतली या उल्टी की समस्या रहती है। गंभीर मामलों में उल्टी में खून भी दिखाई दे सकता है।
भूख में कमी और वजन घटना
भूख कम लगना या थोड़े खाने के बाद पेट भर जाना अल्सर का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर वजन भी घटने लगता है।
काले या खून वाले मल
यदि मल काला या खून वाला आता है, तो यह पेट के अंदरूनी ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है। यह अल्सर का गंभीर रूप है और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता होती है।