Edited By Sahil Kumar,Updated: 10 Jul, 2026 05:04 PM

हिंदू धर्म में शव और आत्माओं के बारे में कई परंपराएं प्रचलित हैं। यदि किसी कारणवश अंतिम संस्कार अगले दिन होना हो, तो शव को रातभर अकेला नहीं छोड़ा जाता है। इसके पीछे भी कई मान्यताएं है। जिनमें धार्मिक, वैज्ञानिक और व्यवहारिक कारण बताए जाते हैं।
नेशनल डेस्कः हिंदू धर्म में शव और आत्माओं के बारे में कई परंपराएं प्रचलित हैं। यदि किसी कारणवश अंतिम संस्कार अगले दिन होना हो, तो शव को रातभर अकेला नहीं छोड़ा जाता है। इसके पीछे भी कई मान्यताएं है। जिनमें धार्मिक, वैज्ञानिक और व्यवहारिक कारण बताए जाते हैं।
धार्मिक मान्यता
गरुण पुराण में उल्लेख मिलता है कि मृत्यु के बाद जब तक अंतिम संस्कार ना हो तब तक आत्मा अपने परिवार और मृत शरीर के आसपास रहती है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान शव को अकेला छोड़ना उचित नहीं होता, क्योंकि इससे आत्मा को कष्ट हो सकता है। इसलिए परिवार के सदस्य शव को अकेला ना छोड़कर उसके पास बैठकर दीपक, धूप या अगरबत्ती जलाते हैं।
वैज्ञानिक मान्यता
विज्ञान के मुताबिक, मृत्यु के बाद शरीर में जैविक परिवर्तन होते हैं और कुछ देर बाद शरीर के विघटन की प्रक्रिया आरंभ हो जाती है। इसलिए स्वच्छता बनाए रखना जरुरी होता है। कपूर, धूप और अगरबत्ती जलाने से सुगंध बनी रहती है, जिससे दुर्गंध कम महसूस होती है और धुआं हानिकारक बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म कर देता है।
व्यावहारिक कारण
पहले के समय में ज्यादातर घर खुले होते थे। आसपास जंगली जानवर और आवारा पशुओं का खतरा होता था। ऐसी स्थिति में शव को अकेला छोडना उचित नहीं होता था। अगर शव को अकेला छोड़ दिया जाता, तो उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका रहती थी। इसी कारण परिवार के लोग को पूरी रात शव के पास बैठे रहते थे।