
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) व एक यूरोपीय रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदाता कम्पनी नॉर्थरोप ग्रुमैन कारपोरेशन ने रविवार को

आयातकों की डॉलर मांग बढऩे से रुपया आज अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 5 पैसे कमजोर होकर 54.47 पर खुला।

यूरोपीय कर्ज संकट विश्व अर्थव्यवस्था के लिए नासूर बन जाने से डॉलर का महत्व ज्यादा बढऩे के कारण स्थानीय विदेशी मुद्रा बाजार में आयातकों की आड़ में सटोरिया लिवाली ने डॉलर में रिकॉर्ड तोड़ तेजी दिखा दी। उल्लेखनीय है

बैंकों की डॉलर बिकवाली से रुपया आज अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 27 पैसे की तेजी के साथ 54.23 पर खुला।

बाजार से पैसा निकाले जाने के बीच अमेरिकी मुद्रा की मजबूत मांग से रुपया आज डॉलर के मुकाबले 47 पैसे टूटकर पांच माह के निम्न स्तर 54.26 पर खुला।

कुछ बैंकों तथा निर्यातकों की डॉलर बिकवाली से रुपए में शुरूआती गिरावट पर कुछ अंकुश लगा और यह 19 पैसे सुधरकर 53.77 पर पहुंच गया।

शेयर बाजारों में अच्छी शुरूआत के बीच विदेशी पूंजी प्रवाह बढऩे से डॉलर के मुकाबले रुपया मामूली रूप से 4 पैसे मजबूत होकर 53.59 पर खुला।

सरकार द्वारा विदेशी मुद्रा कानून गार 1 वर्ष के लिए टाल देने तथा निर्यातकों को आधी कमाई रुपए में परिवर्तित कराने के निर्देश से अमरीकन डॉलर स्थानीय विदेशी मुद्रा बाजार में बीच-बीच में घटता रहा, लेकिन

यूरो तथा अन्य एशियाई मुद्राओं की तुलना में डॉलर की मजबूती से रुपया आज 12 पैसे टूटकर 53.54 पर खुला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में

रूपए के भावों में भारी गिरावट पर ब्रेंक लगाने के प्रयासों के तहत भारतीय रिजर्व बैंक ने निर्यातकों से अपने 50 प्रतिशत डॉलर बाजार में बेचने का निर्देश दिया है।