‘विमानों के रख-रखाव में लापरवाही’ यात्रियों की जान को बन रहा खतरा!

Edited By Updated: 05 Sep, 2026 03:43 AM

negligence in aircraft maintenance is endangering the lives of passengers

आजकल लोग कारोबार और सैर-सपाटे आदि के दौरान समय बचाने के लिए बसों एवं रेलगाडिय़ों की बजाय विमान यात्राओं को अधिमान देने लगे हैं। इसी कारण विमान यात्रियों और विमान सेवाओं में वृद्धि के अलावा नए-नए हवाई अड्डे भी बनने लगे हैं।

आजकल लोग कारोबार और सैर-सपाटे आदि के दौरान समय बचाने के लिए बसों एवं रेलगाडिय़ों की बजाय विमान यात्राओं को अधिमान देने लगे हैं। इसी कारण विमान यात्रियों और विमान सेवाओं में वृद्धि के अलावा नए-नए हवाई अड्डे भी बनने लगे हैं। इसके साथ ही विमानों के रख-रखाव में त्रुटियों और तकनीकी खराबियों के चलते दुर्घटनाओं तथा इनके कारण मौतों के मामले भी सामने आने से विमान यात्रा की सुविधा यात्रियों की जान के लिए खतरा बनने लगी है, जिसकी लगभग एक माह में सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज  हैंं :

* 4 अगस्त को ‘फुकेत’ से ‘दिल्ली’ आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में 36000 फुट की ऊंचाई पर तीनों हाइड्रोलिक प्रणालियों द्वारा कुछ सैकेंड के लिए लगभग एक साथ काम करना बंद कर देने से लगे भारी झटके के कारण कई यात्रियों व क्रू मैम्बरों के घायल होने और विमान को भारी क्षति पहुंचने के सिलसिले में मुख्य पायलट द्वारा मादक पदार्थ के सेवन की पुष्टि होने पर ‘विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो’ द्वारा उसके विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश के बाद एयर इंडिया ने उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। 

* 7 अगस्त को ‘हलवारा’ हवाई अड्डे पर ‘दिल्ली’ के लिए उड़ान भरते समय ‘एयर इंडिया’ के विमान से एक रहस्यमय आवाज सुनाई देने पर पायलट ने तुरंत उड़ान रोक कर विमान को सुरक्षित ‘एप्रन’ पर वापस मोड़ दिया।
* 12 अगस्त को ए.सी. में खराबी के कारण ‘दिल्ली’ से ‘पुणे’ जा रहेे ‘स्पाइस जैट’ के विमान में उड़ान भरने से पहले तापमान अत्यंंत बढ़ जाने से यात्रियों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी जिस पर उन्होंने हंगामा कर दिया।

* 19 अगस्त को ‘गोरखपुर’ हवाई अड्डे पर उतरते समय ‘इंडिगो’ के एक विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया। पायलट ने सूझबूझ से विमान को दोबारा हवा में उठाया तथा ‘एयर ट्रैफिक कंट्रोल’ (ए.टी.सी.) की अनुमति लेकर फिर विमान की सुरक्षित लैंङ्क्षडग करवाई। 
* 20 अगस्त को ‘दिल्ली’ से  ‘मेंगलुरू’ जाने वाले ‘इंडिगो’ के विमान के रन-वे पर आगे बढऩे के दौरान उसमें तकनीकी खराबी का पता चलने पर पायलट को उसे वापस ‘बे’ में लेकर जाना पड़ा जिससे उड़ान में 3 घंटों की देरी हुई।
* 2 सितम्बर को ‘गोवा’ से दिल्ली जा रही ‘इंडिगो’ की फ्लाइट में जब विमान 14,000 फुट की ऊंचाई पर था, तो इस दौरान इंजन में खराबी का पता चलने पर विमान को वापस ‘मनोहर इंटरनैशनल हवाई अड्डïे’ पर उतारा गया। 
* 3 सितम्बर को ‘दोहा’ से ‘बेंगलूरू’ आ रहे ‘इंडिगो’ के एक विमान के पायलट के बीच हवा में बीमार पड़ जाने के कारण विमान को मस्कट में उतार कर यात्रियों को दूसरे विमान से ‘बेंगलूरू’ भेजा गया। 
* 3 सितम्बर को ही ‘वाराणसी’ से ‘दिल्ली’ जा रहे ‘एयर इंडिया एक्सप्रैस’ विमान के ‘कार्गो होल्ड’ का धुआं पहचानने वाला अलार्म बज उठने से हड़कम्प मच गया और विमान को ‘लखनऊ’ हवाई अड्डïे पर उतार कर खाली करवाने के बाद विस्तृत जांच के लिए ‘हैंगर’ में भेज दिया गया।

* 4 सितम्बर को सुबह ‘नवी मुम्बई’ से ‘श्रीनगर’ के हवाई अड्डे पर पहुंचा ‘इंडिगो’ का विमान पार्किंग के दौरान एक खम्भे से टकरा गया जिससे उसकी ‘नोज’ (आगे वाला हिस्सा) टूट कर खम्भे में लगभग एक फुट तक अंदर चली गई। 
उक्त घटनाओं से स्पष्टï है कि नागरिक विमानन के क्षेत्र में सुरक्षा चूकों, तकनीकी खराबी तथा अन्य समस्याओं के परिणामस्वरूप विमानों की आपातकालीन लैंडिंग की घटनाओं में तेजी आई है।

हाल ही की एक संसदीय पैनल की रिपोर्ट तथा सरकारी ऑडिट के अनुसार जनवरी, 2025 से फरवरी, 2026 के बीच ‘एयर इंडिया’, ‘इंडिगो’, ‘आकासा एयर’ तथा ‘स्पाइस जैट’ जैसी प्रमुख विमानन कम्पनियों के 754 विमानों की सुरक्षा जांच करने पर इनमें से 377 विमानों में मुरम्मत के बाद भी बार-बार एक ही तरह की तकनीकी खराबियां पैदा होने का पता चला जो विमानों के रख-रखाव की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं। ‘डायरैक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन’ (डी.जी.सी.ए.) की अगस्त, 2026 की शीर्ष घरेलू विमान सेवाओं की सुरक्षा जांच में भी अनेक ‘कमियां’ पाई गई हैं। अत: विमान दुर्घटनाओं से बचने के लिए विमानों के परिचालन व रख-रखाव में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।—विजय कुमार

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