Edited By Pardeep,Updated: 07 Sep, 2026 12:47 AM

ओडिशा सरकार ने नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और बीमा के बिना चल रहे वाहनों की पहचान करने के लिए एक 'ई-डिटेक्शन सिस्टम' शुरू किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
भुवनेश्वरः ओडिशा सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) और वैध बीमा के बिना सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की धरपकड़ के लिए एक नई 'ई-डिटेक्शन प्रणाली' (e-detection system) की शुरुआत की है। राज्य के परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस नई प्रणाली को 1 सितंबर से सक्रिय कर दिया गया है।
पकड़े जाने पर तुरंत जारी होगा ई-चालान
परिवहन आयुक्त ने बताया कि यदि कोई भी वाहन राज्य में बिना वैध पीयूसीसी (PUCC) या बीमा के चलता हुआ पाया जाता है, तो वर्तमान नियमों और इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन प्रक्रिया के तहत तुरंत ई-चालान (e-challan) जारी किया जाएगा। उन्होंने सभी वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे अपने वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र और बीमा की वैधता की जांच कर लें और समय रहते इन्हें रिन्यू करा लें।
लापरवाही बरतने पर ब्लॉक होंगी आरटीओ सेवाएं
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि तय कानूनी समय सीमा के भीतर चालान का भुगतान नहीं किया जाता है, तो वाहन का पंजीकरण प्रमाणपत्र (Registration Certificate) अस्थायी रूप से 'परिवहन सेवा' पोर्टल पर फ्रीज (ब्लॉक) कर दिया जाएगा। आरसी फ्रीज होने के बाद वाहन मालिक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की किसी भी ऑनलाइन या ऑफलाइन सेवा का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, ऐसे वाहनों का 'वाहन' (VAHAN) आधारित पीयूसी टेस्टिंग एप्लीकेशन में रिन्यूअल भी रोक दिया जाएगा।
परिवहन आयुक्त ठाकुर के अनुसार, इन कड़े कदमों का उद्देश्य यातायात अनुशासन, पर्यावरण नियमों का अनुपालन, तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी) की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
जुर्माने की राशि में बड़ी राहत
राहत की बात यह है कि राज्य सरकार ने हाल ही में नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की राशि में बड़ी कटौती की है। पहले जहां उल्लंघनकर्ताओं पर 10,000 रुपये का एकमुश्त भारी जुर्माना लगाया जाता था, वहीं अब इसे घटाकर विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए 1,000 रुपये से लेकर 6,000 रुपये के बीच कर दिया गया है।