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22 सितम्बर, 2025 से जी.एस.टी. दरों में सुधार से आम आदमी को महंगाई से राहत व कारोबारियों के लिए टैक्स सिस्टम और अधिक सरल हुआ है। उद्योगों को इनपुट...
हर कुछ दशकों में, जब वैश्विक अस्थिरता बढ़ती है, तब एक परिचित शब्द सुनाई देने लगता है-विश्व व्यवस्था (वल्र्ड ऑर्डर)। हालिया दिनों में अमरीकी...
भारत -यूरोपीय संघ (ई.यू.) संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ तब आया, जब नई दिल्ली में हुई भारत-ई.यू. सम्मिट के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक अहम फ्री ट्रेड...
यह कोई रहस्य नहीं है कि देश में टैलीविजन देखने वालों की संख्या, खासकर न्यूज कैटेगरी की, तेजी से घट रही है। एक अनुमान के अनुसार, डायरैक्ट-टू-होम...
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नवंबर 2025 में, दो बड़े वैश्विक सम्मेलन हुए- ब्राजील के बेलेम में सी.ओ.पी.30 और साऊथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी-20। हालांकि बयानबाजी में कुछ हद तक एक जैसे थे लेकिन उन्होंने क्लाइमेट एक्शन और मल्टीलेटरल कोऑपरेशन के अलग-अलग नजरिए पर जोर दिया।
दिल्ली - एन.सी.आर. में एयर क्वालिटी लैवल ‘गंभीर’ रेंज में है, ऐसे में डाक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि नुकसान बच्चे के जन्म से बहुत पहले ही शुरू हो जाता है। इस बारे में नई दिल्ली के एम्स में पीडियाट्रिक्स के प्रौफेसर डा. काना राम जाट से बात की गई। उन्होंने अजन्मे और छोटे बच्चों पर प्रदूषण के छिपे हुए असर के बारे में बताया कि नुकसान गर्भ में ही शुरू हो जाता है। मां की सांस के ज़रिए अंदर जाने वाले प्रदूषकक्षण उसके ब्लडस्ट्रीम में जाते हैं और भ्रूण तक पहुंचते हैं जो ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के लिए पूरी
भारत का संविधान दुनिया में सबसे बड़ा लिखित दस्तावेज है जो विस्तृत है, लचीला है और उसमें कभी भी संशोधन करने की मजबूत प्रक्रिया है। देश के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ की 75वीं वर्षगांठ पर गंभीर चर्चा, कार्यशाला, वार्तालाप और संवाद होना चाहिए था लेकिन सरकारी खानापूर्ति और संवाद साधनों द्वारा मामूली खबर के रूप में लेना अचरज का विषय है। इस विशेष अवसर पर अनेक सप्ताह तक विचारमंथन होना चाहिए था क्योंकि संविधान प्रत्येक भारतीय के जीवन, व्यवहार और उसके आचरण का निर्णायक होता है। उसके प्रावधानों का दुरुपयोग न हो
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से इतर एक नई राजनीति की आहट साफ सुनाई दे रही है। बिहार के नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही अगले 5 सालों में 1 करोड़ युवकों को नौकरी-रोजगार का फैसला हो या फिर 25 चीनी मिलें खोलने की घोषणा, साफ संकेत देते हैं कि नीतीश कुमार की सरकार इस बार ठोस आॢथक विकास के रास्ते पर बढऩा चाहती है। मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में बिहार आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस मिशन बनाने की भी घोषणा की गई। बिहार में टैक हब, डिफैंस कॉरिडोर, सैमी कंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, मैगा टैक और फिनटैक सिटी बनने
बिहार में तो एस.आई.आर. सिर्फ पायलट प्रोजैक्ट था, असली प्रयोग तो बंगाल में होने वाला है। तो क्या बंगाल में ममता बनर्जी हार जाएंगी? क्या ममता को हराना इतना आसान है? बंगाल में विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में होने हैं और अभी से चुनावी मौसम शुरू हो गया है। अगले 2-3 महीनों में मौसम बिगडऩा तय है, लिहाजा चुनाव से संबंधित दलों को पेटी बांध लेनी चाहिए।
महाराष्ट्र के बाद बिहार में भी एकतरफा हार से पस्त विपक्ष की एकता में उभरती दरारों को भरने में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) मददगार साबित हो सकता है। एस.आई.आर. पर विवाद बिहार से ही शुरू हो गया था। मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां सुनवाई बिहार में विधानसभा चुनाव संपन्न हो जाने के बाद भी जारी है।
गत 18 नवम्बर को 1 करोड़ रुपए के ईनामी और कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। हिडमा के अंत से वह नक्सलवाद विरोधी अभियान अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है, जिसका मकसद बकौल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह-मार्च 2026 तक देश से माओवाद का समूल सफाया करना है। ऐसा होना संभव भी लग रहा है, जो मोदी सरकार की अन्य कई बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।
हाल के बिहार चुनावों में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन, जहां वह 243 सीटों वाली विधानसभा में सिर्फ 6 सीटें जीत सकी, उसके नीचे जाने के पैटर्न का हिस्सा है, कभी-कभी कुछ छोटी-मोटी गड़बडिय़ों को छोड़कर, जो देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के फिर से उभरने के अलावा दूसरे कारणों से हो सकती हैं।
भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर में यदि किसी एक व्यक्तित्व की उपस्थिति सदियों से अडिग, उज्ज्वल और अमर रही है, तो वह हैं श्री गुरु तेग बहादुर जी, जो पीढ़ी दर-पीढ़ी मानवता के सच्चे रक्षक, अत्याचार के विरुद्ध अदम्य साहस के प्रतीक और धार्मिक स्वतंत्रता के महान संरक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उन
पिछले दिनों अमरीका में पढ़ाने वाले एक प्रोफैसर ने दिलचस्प किस्सा बताया। उन्होंने अपने विद्याॢथयों को निबंध लिखने के लिए एक विषय दिया। वह यह देखकर हैरान रह गए कि सभी विद्याॢथयों ने एक जैसा लिखा था। यहां तक कि प्रारंभ और अंत भी लगभग एक जैसे थे। उन्हें समझते देर न लगी कि विद्याॢथयों ने विषय को चैट जी.पी.टी. में फ ीड किया होगा और वहीं से नकल करके लिख दिया। इससे उनके कान खड़े हो गए। इस तरह तो छात्र कुछ सीख ही नहीं रहे। न उन्हें कुछ याद हो रहा है। इसके बाद उन्होंने बच्चों से कहा कि टैस्ट से पहले वे अ
दिल्ली लाल किला आतंकवादी कार विस्फोट की छानबीन से आ रही जानकारियों ने पूरे देश में भय और सनसनाहट पैदा की हुई है। अभी तक की जानकारियां बता रही हैं कि अगर आतंकवाद का यह मॉड्यूल सफल हो गया होता तो देश में जगह-जगह अनगिनत विस्फोट होते और उसमें होने वाली मानवीय एवं संपत्तियों की क्षति का तो आकलन भी नहीं किया जा सकता।
भारत का इतिहास उन महान विभूतियों के त्याग, सत्य और साहस से आलोकित है, जिन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दे दिया। सिख धर्म के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, ऐसे ही एक दिव्य व्यक्तित्व थे, जिनका जीवन, दर्शन और बलिदान आज भी संपूर्ण मानव सभ्यता को रास्ता दिखाने वाली ज्योति है।
भाजपा अध्यक्षों के कार्यकाल में विस्तार का फार्मूला, पार्टी का ऐसा सोचा समझा निर्णय है, जिसे एक दशक में 2 किले भेदने की रणनीति के तौर पर देखा गया है।
ज्यादातर भारतीयों के लिए राजस्थान का नाम सुनते ही हवेलियों पर गिरती रेगिस्तान धूप, सुनहरी धरती से उठते किले और पुराने बाजारों में चमकते रत्नों की तस्वीरें उभरती हैं। राज्य की जी.डी.पी. का लगभग 15 प्रतिशत जो देश में सबसे अधिक में से है, पर्यटन से आता है। लेकिन इस सफलता का एक साइड इफैक्ट भी रहा। राजस्थान को अक्सर एक पर्यटन या सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में ही देखा गया न कि एक गंभीर निवेश केंद्र के रूप में।
अगर आपने किसी व्यक्ति को स्पीच पढ़ते सुना होता तो आपको लगता कि ये शब्द बाल गंगाधर तिलक या जवाहरलाल नेहरू या जयप्रकाश नारायण या नेल्सन मंडेला के हैं और आप गलत हो। स्पीकर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे।
2018 में त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, बिहार के हालिया नतीजों समेत चुनावों को लेकर धीरे-धीरे मेरे मन में शक बढऩे लगा था। दशकों से चुनाव कवर करने की वजह से मेरी पसंद-नापसंद कुछ कम हो गई थी। इसीलिए त्रिपुरा चुनाव में मेरी अचानक दिलचस्पी का कारण जानना जरूरी है।
मेष राशि वालों आज आप काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे। नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए दिन उत्तम है, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय न लें।
वृषभ राशि वालों आर्थिक रूप से दिन मजबूत रहेगा। निवेश से लाभ हो सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
मिथुन राशि वालों वाणी पर संयम रखें, वरना किसी से अनबन हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को थोड़ा अधिक परिश्रम करना पड़ सकता है।
कर्क राशि वालों आज आप थोड़े भावुक रह सकते हैं। घर के कामों में व्यस्तता रहेगी। माता-पिता का आशीर्वाद लेकर काम शुरू करें।
सिंह राशि वालों मान-सम्मान में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी लीडरशिप की सराहना होगी। सेहत का ध्यान रखें।
कन्या राशि वालों रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा है। व्यापार में नई साझेदारी सोच-समझकर करें।
तुला राशि वालों आज मनोरंजन और सुख-सुविधाओं पर खर्च हो सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।
वृश्चिक राशि वालों गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। तनाव से बचने के लिए योग का सहारा लें। ऑफिस में राजनीति से दूर रहें।
धनु राशि वालों लंबी दूरी की यात्रा के योग बन रहे हैं। भाग्य का साथ मिलेगा और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं।
मकर राशि वालों करियर को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। पुराने मित्रों से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी।
कुंभ राशि वालों समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नए विचार आपको आर्थिक लाभ दिला सकते हैं। सकारात्मक रहें।
मीन राशि वालों खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। आज किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा न करें। शाम को सुकून मिलेगा।
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29/01/2026 20:30 IST
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