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जब मैं तिरुप्पुर के स्कूल में पढ़ता था, तब मेरे मन में देश को लेकर कई सपने थे। मेरे मन में अक्सर ये सवाल उठते थे-भारत अपनी महानता कब वापस पाएगा?...
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनकी सरकार तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए देगी। इस...
अमरीका सरकार, तेल व्यापारी और निजी विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि तेहरान के पास कच्चा तेल छिपाने के लिए जगह खत्म होने से पहले कितना समय बचा है।
पिछले कुछ समय से मौसम वैज्ञानिकों के हवाले से यह खबर आ रही है कि इस साल भीषण गर्मी पडऩे वाली है। इस खबर से सबसे ज़्यादा चिंता कृषि वैज्ञानिकों और...
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नायब सिंह सैनी को दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री का पद संभाले लगभग 15 महीने हो गए हैं। वित्त विभाग उनके पास होने के कारण, उन्होंने अपना दूसरा बजट सिखी की पहचान ‘केसरी दस्तार’ (पगड़ी) सजाकर पेश किया।
विश्व आज एक नए संकट के कगार पर खड़ा है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमरीका-इसराईल और ईरान युद्ध ने मात्र 4 सप्ताह में वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, जिससे दुनिया के 20 प्रतिशत तेल और एल.एन.जी. का परिवहन होता है, प्रभावी रूप से बंद हो गया है। ईरान के साऊथ पार्स गैस फील्ड और कतर के रास लाफान एल.एन.जी. प्लांट पर हमलों से वैश्विक उत्पादन में 3.5 प्रतिशत की कमी आई है, जिसकी मुरम्मत में वर्षों लग सकते हैं।
‘वैस्टर्न रीजन बिशप्स काऊंसिल’ से संबद्ध महाराष्ट्र के कैथोलिक बिशपों ने हाल ही में महाराष्ट्र राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा पारित ‘फ्रीडम ऑफ रिलीजन’ विधेयक के खिलाफ आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराया है। मुझे खुशी है कि उन्होंने ऐसा किया। एक कैथोलिक के रूप में, मुझे बहुत निराशा होती यदि बिशप संविधान के उस अपमान को चुपचाप स्वीकार कर लेते, जो यह ‘स्वतंत्रता’ अपने साथ लाती है।
पिछले हफ्ते ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के बारे में रिपोर्टें सामने आईं, जिनमें भारत जाने वाले एल.पी.जी. वाहक भी शामिल थे। इनमें से एक समूह, कोई आश्चर्य की बात नहीं, ईरानी कच्चे तेल का निर्यात करने वाले जहाजों का था। डाटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर के अनुमान के अनुसार, अमरीका और इसराईल के साथ शत्रुता के बावजूद मार्च में ईरान के तेल शिपमैंट ने औसतन 1.3-1.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन की गति बनाए रखी। रिपोर्ट के अनुसार, इसका अधिकांश हिस्सा चीन के लिए था, जिसे छोटे रिफाइनर चीनी युआन म
सभी पाठकों को पावन रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं। हिंदू परम्परा में श्रीराम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, जिनका अवतरण त्रेता युग में हुआ।
और कुछ भी हो, यह विश्वगुरु का प्रधानमंत्री तो नहीं था। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का डंका बजाने वाला या कम से कम ऐसा गुरूर रखने वाला वाला शख्स भी नहीं था। सच कहें तो यह राजनेता ही नहीं था। और न ही रंगमंच पर डायलॉग बोलता अभिनेता
एक डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, अफसर या कारोबारी अक्सर यही चाहते हैं कि उनकी अगली पीढ़ी उन्हीं के पेशे को आगे बढ़ाए। लेकिन इस मामले में किसान एक अपवाद है। बहुत कम किसान चाहते हैं कि उनकी संतान भी खेती करे।
अमरीका -इसराईल और ईरान के बीच चल रहे विनाशक युद्ध के बीच सारा विश्व आपदाग्रस्त है। हमारे देश में 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया है, तो दूसरी ओर उच्चतम न्यायालय ने तब बिल्ली के गले में घंटी बांधी, जब उसने हाल ही में एक समान नागरिक संहिता की वकालत की।
हाल ही में उच्चतम न्यायालय मातृत्व अवकाश से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मामला गोद लेने के मामले में अवकाश का था। भारत में मातृत्व अवकाश 6 महीने का है। दुनिया में यह सबसे अधिक अवधि है। याचिका में 1961 के मैटॢनटी एक्ट की धारा 5(4) को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि गोद लेने की प्रक्रिया तक में 3 महीने से अधिक का समय लग जाता है। ऐसे में बच्चे की उम्र 3 महीने से अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में यदि कामकाजी मां को छुट्टी ही नहीं मिलेगी, तो वह अपने शिशु की देखभाल कैसे करेगी? ऐसी तमाम बात
विश्व की सर्वोच्च एवं श्रेष्ठ संसद संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य राष्ट्रों के आपसी तनाव व विवादों का समाधान करना, युद्धों को रोकना, मानव विकास का पथ प्रदर्शक बनना तथा शांति स्थापित करना है। परंतु इसके प्रयासों के बावजूद कई राष्ट्राध्यक्ष वार्तालाप और कूटनीति की बजाय युद्धों से अपने स्वार्थ हल करने में लगे हुए हैं। युद्धों की सोच हैरतअंगेज, अफसोसनाक, ङ्क्षचताजनक और मानव समाज को घोर अंधेरे की तरफ बढ़ा रही है।
हालांकि मोबाइल फोन के अनेक लाभ हैं परंतु इसके जाल में फंसने वाले छात्र-छात्राओं द्वारा इसके अनुचित इस्तेमाल से कई तरह की समस्याएं पैदा होने के कारण दुनिया भर में स्कूली बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही है।
इस वर्ष, भारतीय कैलेंडर पर कुछ बहुत ही असामान्य और बहुत ही भारतीय घटित हुआ है। नवरात्रि की 9 रातें, रमजान का पवित्र उपवास का महीना और ईसाइयों की आत्म-ङ्क्षचतन की अवधि ‘लेंट’, सभी एक साथ आ गए। कई देशों में इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी। लेकिन भारत में, इसके कारण कुछ अद्भुत रचनात्मक सामाजिक सामंजस्य देखने को मिल रहे हैं। फिलहाल, राष्ट्रीय मिजाज कुछ ऐसा है-सुबह उपवास रखें, शाम को प्रार्थना करें और इस बीच शिष्टता के साथ हर किसी के उत्सवों में शामिल हों।
राजस्थान सरकार के शासन की जितनी गहराई से जांच की जाए, कांग्रेस प्रशासन को सत्ता से हटाए जाने के 2 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद, उतना ही स्पष्ट होता है कि अशोक गहलोत का 5 वर्षीय शासन (2018-2023) राज्य के लिए व्यर्थ का दौर साबित हुआ। पार्टी के अंदरूनी विवाद, खासकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच, अक्सर गहलोत को अपनी कुर्सी बचाने में उलझाए रखते थे, न कि प्रभावी शासन में। अंतत: 2023 के चुनावों में मतदाताओं ने उनकी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया।
इतिहास में किसी भी युद्ध के बताए गए औचित्यों के पीछे, चाहे वे न्यायसंगत कारण हों, परमाणु खतरे हों, सच परिवर्तन हों, मूल सत्य एक ही है-संघर्ष हमेशा से संसाधनों की खोज रहा है। ईरान युद्ध महज इसका नवीनतम अध्याय है।
अनेक वर्ष बीत गए, परन्तु यह घटना सत्य है। एक राज्य के बड़े मंत्री थे, बड़ी ऊंचाई तक पहुंचे, शायद सबसे महंगी गाड़ी में आते थे। उनको नमस्ते करें तो वह समझते थे कोई छोटा-मोटा उनकी ऊंचाई से प्रभावित है, बस गर्दन हिला देते थे जवाब में। जब मैं सांसद था, तब उनके व्यवहार को देखकर मैंने एक दिन एक समारोह में पीछे से नाम पुकारा और एक ही वाक्य कहा-जनाब इतना अहंकार लेकर कहां जाओगे? वह इस बार गर्दन हिलाना भूल गए, स्वयं ही मुड़ गए और मेरी तरफ देखकर बोले, क्या-क्या? मैं सिर्फ मुस्कुराया और मंच पर अपनी सीट
पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रभावी व्यवधान ने एक बार फिर एक कड़वे सच को उजागर कर दिया है-भारत की ऊर्जा सुरक्षा अपनी सीमाओं से बहुत दूर भू-राजनीतिक झटकों के प्रति गहरी संवेदनशील बनी हुई है। जैसे-जैसे भारत $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था और एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की आकांक्षा रखता है, उसकी ऊर्जा जीवनरेखाओं की भंगुरता एक रणनीतिक चिंता है।
मेष राशि वालों व्यापार से जुड़ी कोई चिंता आपको सता सकती है। अजनबी लोगों पर भरोसा न करें। नौकरीपेशा
वृष राशि वालों बिजनेस में मनचाहे नतीजे मिलने की उम्मीद है। समय से किए गए कामों के परिणाम
मिथुन राशि वालों आज पैसों का निवेश करना आप पर भारी पड़ सकता है। हो सके तो
कर्क राशि वालों युवाओं को नौकरी में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऑनलाइन
सिंह राशि वालों पार्टनरशिप संबंधी कार्यों में उलझने पैदा हो सकती हैं। आर्थिक नुकसान होने के योग हैं।
कन्या राशि वाले नौकरीपेशा लोग अपने काम को लेकर सावधान रहें। कोई आपका बना बनाया काम बिगाड़ सकता है।
तुला राशि वालों के कार्यक्षेत्र से जुड़े आइडियाज बॉस को प्रसन्न आएंगे। गृहस्थ जीवन में सुख की
वृश्चिक राशि वालों व्यवसाय में मेहनत के उचित परिणाम हासिल नहीं होंगे। सहकर्मियों की गतिविधियों पर
धनु राशि वालों जिस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत कर रहे थे, आज उसका उचित परिणाम मिलेगा।
मकर राशि वालों बिजनेस बढ़ाने के लिए सफल व्यक्तियों का मार्गदर्शन अवश्य लें। बॉस से विशेष
कुंभ राशि वालों आज का दिन कार्यक्षेत्र में परिवर्तन लाने वाला रहेगा। दूसरों के भरोसे न रहें। आपका
मीन राशि वालों आपकी किसी खास व्यक्ति के साथ बातचीत हो सकती है। किसी गलती के कारण आपकी
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26/05/2026 23:30 IST
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