31 minutes ago
2 hours ago
3 hours ago
5 hours ago
6 hours ago
8 hours ago
11 hours ago
12 hours ago
15 hours ago
16 hours ago
17 hours ago
1 day ago
Wednesday
Main Menu
धर्म/कुंडली टीवी
नारी
Photos
Videos
हिमाचल प्रदेश
पंजाब
हरियाणा
उत्तर प्रदेश
Breaking
Blogs
जब मैं तिरुप्पुर के स्कूल में पढ़ता था, तब मेरे मन में देश को लेकर कई सपने थे। मेरे मन में अक्सर ये सवाल उठते थे-भारत अपनी महानता कब वापस पाएगा?...
हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनकी सरकार तीसरे बच्चे के जन्म पर 30 हजार और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए देगी। इस...
अमरीका सरकार, तेल व्यापारी और निजी विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि तेहरान के पास कच्चा तेल छिपाने के लिए जगह खत्म होने से पहले कितना समय बचा है।
पिछले कुछ समय से मौसम वैज्ञानिकों के हवाले से यह खबर आ रही है कि इस साल भीषण गर्मी पडऩे वाली है। इस खबर से सबसे ज़्यादा चिंता कृषि वैज्ञानिकों और...
KESARI TV
आज की भारतीय राजनीति में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे सफल राजनीतिक दलों में से एक बन गई है। इसने कई राज्यों में चुनाव जीते हैं और अक्सर उन क्षेत्रों में भी अपना विस्तार किया है, जहां वह कभी कमजोर थी। यह बार-बार मिलने वाली सफलता संयोग मात्र नहीं है। यह सावधानीपूर्वक योजना, मजबूत नेतृत्व, अनुशासित कार्यकत्र्ताओं और लोगों के साथ गहरे जुड़ाव का परिणाम है।
हाल ही में संपन्न हुए 2026 के विधानसभा चुनावों में, 3 प्रमुख मुख्यमंत्रियों को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा, एक ऐसी स्थिति जिसे राजनीतिक क्षेत्र में कई लोग प्रक्रिया के एक चुनौतीपूर्ण हिस्से के रूप में पहचानते हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्री अपने चुनाव हार गए। चुनावों में जीतना और हारना राजनीति में आम बात है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण अडवानी जैसे कुछ राजनेताओं ने लचीलापन दिखाया और दशकों की असफलताओं को सहने के बाद भी वापसी की, जो भवि
नर्मदा नदी के बरगी बांध के दुखद हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक आम नागरिक की टिप्पणी ने मुझे सोचने पर मजबूर किया। उसका कहना था कि जब देश में ऊर्जा संकट बढ़ रहा है और अनावश्यक दुर्घटनाओं में कीमती जीवन समाप्त हो रहे हैं, तो वी.आई.पी. सुरक्षा के नाम पर हजारों गाडिय़ां और सुरक्षा कर्मी क्यों रात-दिन भागते रहते हैं? जबकि यही सुरक्षा कर्मी अगर यातायात, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा नियमों के कड़े अनुपालन और आपदा प्रबंधन के लिए तैनात रहें तो आम जनता को कितनी राहत मिलेगी? भारतीय मूल का 38 वर्षीय हिमांशु गुलाटी
ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो चुका है। जिस ऑप्रेशन ने आतंक के नैटवर्क को करारा जवाब दिया, उसने एक बात बिल्कुल साफ कर दी-आज उत्तर प्रदेश भारत की रक्षा निर्माण क्रांति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देश आज हमारी सेना के शौर्य का जश्न मना रहा है लेकिन उन फैक्ट्रियों, मिसाइल यूनिट्स और डिफैंस कॉरिडोर को भी पहचान मिलनी चाहिए, जो उत्तर प्रदेश की धरती पर तेजी से खड़े हो रहे हैं।
10 मई, मदर्स डे। मां को समॢपत एक ही दिन क्यों, हमारे जीवन का हर पल मां की देन है। सभ्यता की शुरुआत से ही मां को हर संस्कृति में पूजा गया। चाहे दुर्गा के रूप में, सरस्वती के रूप में, या धरती माता के रूप में। यहां तो हम अपने देश को भी भारत माता पुकार गौरवान्वित होते हैं।
भाजपा उस राजनीतिक विमर्श को भी ध्वस्त कर रही है कि उसे चुनौती देने का जो काम देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस नहीं कर पा रही, वह क्षेत्रीय दल बखूबी कर रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को अकेले दम बहुमत और कांग्रेस के 44 सीटों पर सिमट जाने से वह विमर्श शुरू हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव परिणामों ने भी उसे बल प्रदान किया लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से वह कमजोर पडऩे लगा है।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों ने 3 राज्यों-केरलम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक नाटकीय बदलाव ला दिया है। असम और पुड्डुचेरी ने यथास्थिति के लिए वोट दिया है। चुनावों पर एक ही कहानी लिखना संभव नहीं है। हर राज्य ने एक अलग कहानी पेश की है। केरलम एक सीधी कहानी है। यू.डी.एफ. और एल.डी.एफ. दशकों से राज्य में बारी-बारी से शासन कर रहे हैं।
भारतीय समाज में मिडल क्लास लोगों की हर वक्त आॢथक हालत तंग रहना एक आम बात हो गई है। उनकी इस तंगी के लिए महंगाई के अलावा उनकी खुद की गलतियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं। ये कौन-सी गलतियां हैं, जो उनकी पैसों की तंगी खत्म नहीं होने देतीं? सबसे पहले तो मिडल क्लास की सबसे बड़ी दिक्कत पैसा कम कमाना नहीं, बल्कि कमाए हुए पैसे को गलत जगह फंसाना है। इनकी पहली गलती है दिखावे पर खर्च करना। महंगा फोन, कर्जे पर बड़ी गाड़ी, महंगी शादी, टौरबाजी पर खर्चा इत्यादि ये सब समाज को दिखाने के लिए लिया जाता है। लोन की किस्
भारत में ओपिनियन पोल यानी चुनाव पूर्व सर्वेक्षण हो या एग्जिट पोल अर्थात मतदान के बाद का सर्वेक्षण, ऐसा कोई वर्ष नहीं, जब इस पर जबरदस्त विवाद तथा तू-तू, मैं-मैं न होती हो। जिसके पराजित होने की संभावना व्यक्त होती है वह इसका विरोध करता है। हालांकि विरोध सामान्य हो या तथ्यों के आधार पर प्रश्न उठाया जाए या कोई ताॢकक आपत्ति हो तो समस्या नहीं। किंतु पिछले कुछ वर्षों से ऐसी सभी एजैंसियों और संस्थाओं को भाजपा द्वारा या सरकार द्वारा प्रायोजित बता कर उसकी साख को भी समाप्त करने का अभियान चलता है।
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक किन्नर की याचिका पर ‘नेग’ (दक्षिणा या उपहार) के नाम पर जबरन वसूली को गैर-कानूनी करार दिया है। अदालत ने इस तरह की वसूली को भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध बताया है। यह केस उत्तर प्रदेश के गौंडा जिले के किन्नर रेखा देवी की याचिका पर सुना जा रहा था, जिसमें रेखा देवी ने अपनी जजमानी का इलाका निर्धारित करने की अदालत से मांग की थी। याचिकाकत्र्ता का कहना था कि इलाकों की भौगोलिक सीमा स्पष्ट न होने के कारण, प्राय: किन्नरों के अलग-अलग समूहों के बीच झड़पें व ङ्क्षहसा तक हो
आज की तेजी से बदलती दुनिया में, शिक्षा को अक्सर अंकों, रैंकिंग और प्रतिस्पर्धी सफलता से मापा जाता है। स्कूल गणित, विज्ञान और तकनीक जैसे विषयों पर भारी ध्यान केंद्रित करते हैं, जो नि:संदेह महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, कई कक्षाओं से धीरे-धीरे कुछ अनिवार्य चीज ओझल हो गई है-मूल्य। पुराने समय में, स्कूलों में ‘मोरल साइंस’ (नैतिक विज्ञान) नामक एक विषय होता था और सुबह की सभाएं अक्सर राष्ट्रगान और एक सरल भजन के साथ शुरू होती थीं। ये केवल अनुष्ठान नहीं थे, इन्होंने युवा दिमागों को आकार देने में एक शांत लेकिन
युवा भारत जो सशक्त हो रहा है, उसकी जड़ें भारतीय संतों की परंपरा में हैं। वक्त-वक्त पर आपस में प्रेम और सौहार्द बनाए रखना लोगों को संतों ने सिखाया। संत रविदास जी इसके अभिन्न अंग हैं। उनके काम और उनके काम के परिणामों को देखकर ही समकालीन संतों ने उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी थी। संत रविदास जी एक भारतीय रहस्यवादी, कवि, समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्होंने भक्ति गीतों, कविताओं और आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से भक्ति आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संत रविदास जी का जुनून सत्य की खोज था
1920 के दशक में चलचित्रों के आगमन से लेकर आज के ओ.टी.टी. तक, गतिशील छवि पीढिय़ों से एक विलक्षण स्थिरांक बनी हुई है और विस्तार से कहें तो, यह अब तक का सबसे शक्तिशाली जन-प्रभाव उपकरण है। एक सदी से अधिक समय से, जहां अन्य माध्यमों का उदय हुआ और वे पतन की ओर गए, वहीं सिनेमा का पर्दा परिवारों और युवाओं दोनों को अपने मोह में बांधे हुए है, एक सांझा अनुष्ठान जो मात्र पलायनवाद से परे है।
यू.एस. -इसराईल का ईरान के खिलाफ युद्ध कोई दूर का युद्ध नहीं है। यह पश्चिम एशिया में है, जो भारतीय उपमहाद्वीप का पड़ोसी है। लाखों भारतीय इस क्षेत्र में रहते हैं और काम करते हैं। लाखों भारतीय शिया मुसलमानों का ईरान के लोगों के साथ गहरा बंधन है। भारत ने पारंपरिक रूप से ईरान के साथ एक लंबे और ऐतिहासिक संबंध का दावा किया है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने ईरान के साथ घनिष्ठ व्यापारिक और आॢथक संबंधों का भी दावा किया है। इसका एक उदाहरण चाबहार बंदरगाह का विकास है। भाजपा सरकार के तहत वे दावे कमजोर हुए हैं
जीवन के संघर्षों में भी अडिग रहना संघ से सीखा। छुटपन में संघ शाखा ने जो सिखाया, उसका चेतनावचेतन में यह प्रभाव बना रहा। किसी भी संगठन को इतना व्यापक, विशाल, सक्रिय, अनुशासित बने रहना उसके लिए सौ वर्ष कोई मायने नहीं रखते। इन सौ वर्षों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने ध्येय पर खड़ा रहा कि भारत एक ‘हिंदू राष्ट्र’ है। संघ की हिंदू राष्ट्र की परिभाषा भी बड़ी विशाल है।
क्या महिला आरक्षण बिल यानी अब नारी वंदन अधिनियम-2023 राजनीति का शिकार हो गया है या फिर सभी की अनिच्छा के चलते महज औपचारिक हो-हल्ले के बीच खानापूॢत कर ली गई। यदि कहें कि इस पर किसी भी दल ने गंभीरता नहीं बरती तो गलत नहीं होगा। भले पक्ष-विपक्ष दोनों में ही इस पर तकरार करें लेकिन नीयत किसी की समझ नहीं आती। हालांकि इतना समझ आता है कि अभी इसके कार्यान्वयन में देरी का कारण मुख्यत: राजनीतिक लाभ और परिसीमन है। सत्तारूढ़ दल एक तीर से दो शिकार करना चाहता था तो विपक्ष इसके पीछे छिपी नीयत को उजागर करना। हां,
मेष राशि वालों व्यापार से जुड़ी कोई चिंता आपको सता सकती है। अजनबी लोगों पर भरोसा न करें। नौकरीपेशा
वृष राशि वालों बिजनेस में मनचाहे नतीजे मिलने की उम्मीद है। समय से किए गए कामों के परिणाम
मिथुन राशि वालों आज पैसों का निवेश करना आप पर भारी पड़ सकता है। हो सके तो
कर्क राशि वालों युवाओं को नौकरी में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। ऑनलाइन
सिंह राशि वालों पार्टनरशिप संबंधी कार्यों में उलझने पैदा हो सकती हैं। आर्थिक नुकसान होने के योग हैं।
कन्या राशि वाले नौकरीपेशा लोग अपने काम को लेकर सावधान रहें। कोई आपका बना बनाया काम बिगाड़ सकता है।
तुला राशि वालों के कार्यक्षेत्र से जुड़े आइडियाज बॉस को प्रसन्न आएंगे। गृहस्थ जीवन में सुख की
वृश्चिक राशि वालों व्यवसाय में मेहनत के उचित परिणाम हासिल नहीं होंगे। सहकर्मियों की गतिविधियों पर
धनु राशि वालों जिस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत कर रहे थे, आज उसका उचित परिणाम मिलेगा।
मकर राशि वालों बिजनेस बढ़ाने के लिए सफल व्यक्तियों का मार्गदर्शन अवश्य लें। बॉस से विशेष
कुंभ राशि वालों आज का दिन कार्यक्षेत्र में परिवर्तन लाने वाला रहेगा। दूसरों के भरोसे न रहें। आपका
मीन राशि वालों आपकी किसी खास व्यक्ति के साथ बातचीत हो सकती है। किसी गलती के कारण आपकी
USD $
26/05/2026 23:30 IST
CAD $
AUD $
EUR €
NZD $
AED د.إ
GBP £
Bitcoin
Ethereum
Tether
BNB
USD Coin
XRP
Terra
Solana
Be on the top of everything happening around the world.
Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
फीडबैक दें
Thoughts
Jokes