Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Apr, 2026 12:30 PM

देश में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। कमर्शियल LPG और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के बाद अब CNG की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। इस बार टॉरेंट गैस ने सीएनजी की कीमतों में इजाफा किया है। हालांकि अभी तक सरकारी कंपनियों की ओर से...
बिजनेस डेस्कः देश में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। कमर्शियल LPG और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के बाद अब CNG की कीमतों में भी इजाफा किया गया है। इस बार टॉरेंट गैस ने सीएनजी की कीमतों में इजाफा किया है। हालांकि अभी तक सरकारी कंपनियों की ओर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
Torrent Gas ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दाम में ₹2.50 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद आम लोगों और खासकर ऑटो-रिक्शा चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है। इससे पहले Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था, जबकि सरकारी तेल कंपनियों ने अभी तक अपने रेट स्थिर रखे हैं।
LPG और ATF पहले ही महंगे
1 अप्रैल से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर ₹195.50 महंगा होकर ₹2,078.50 का हो गया है। छोटे 5 किलो सिलेंडर की कीमत भी बढ़ी है, जबकि घरेलू LPG की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं।
वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी तेजी आई है, जिसका असर हवाई किरायों पर पड़ सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई पर असर के कारण कीमतों में उछाल आया है। खासतौर पर Strait of Hormuz जैसे अहम मार्गों पर दबाव बढ़ने से वैश्विक बाजार प्रभावित हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई सेक्टरों पर लागत का दबाव बढ़ गया है।