Edited By jyoti choudhary,Updated: 22 Jan, 2026 04:48 PM

देशभर में 27 जनवरी 2026 (मंगलवार) को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह (Five-Day Work Week) लागू करने की मांग को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल का असर सरकारी,...
बिजनेस डेस्कः देशभर में 27 जनवरी 2026 (मंगलवार) को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। करीब 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह (Five-Day Work Week) लागू करने की मांग को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल का असर सरकारी, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों पर पड़ने की संभावना है। ऐसे में देशभर में बैंक लगातार 4 दिन तक बंद रह सकते हैं। कारण कि ये हड़ताल वीकेंड (शनिवार-रविवार) और राष्ट्रीय अवकाश (National Holiday) के तुरंत बाद बुलाई जा रही है।
यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर की जा रही है। UFBU बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के 9 प्रमुख संगठनों का संयुक्त मंच है, जिनमें AIBOC, AIBEA, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF, INBOC, NOBW और NOBO शामिल हैं।
सभी शनिवारों को बैंक अवकाश की मांग
AIBOC की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार की ओर से सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने में हो रही देरी के चलते हड़ताल का फैसला लेना पड़ा। यूनियनों के मुताबिक, भारतीय बैंक संघ (IBA) ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की सिफारिश पिछले दो वर्षों से सरकार के पास भेज रखी है, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है।
यह प्रस्ताव 7 दिसंबर 2023 को UFBU और IBA के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का हिस्सा था, जिसे बाद में 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट और जॉइंट नोट में भी दोहराया गया। प्रस्ताव के अनुसार, सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना काम के घंटे 40 मिनट बढ़ाने और सभी शनिवारों को अवकाश देने की बात कही गई थी।
पहले भी मिल चुका है आश्वासन
UFBU ने याद दिलाया कि 2015 के 10वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सरकार और IBA ने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी घोषित की थी और बाकी शनिवारों पर बाद में विचार करने का आश्वासन दिया गया था। यूनियनों का कहना है कि बार-बार आश्वासन के बावजूद यह मुद्दा अब तक लंबित है।
सरकार के भरोसे के बाद 24 और 25 मार्च 2025 की प्रस्तावित दो-दिवसीय हड़ताल को टाल दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से यूनियनों को फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
RBI और LIC में पहले से लागू है 5-डे वर्किंग
यूनियनों का तर्क है कि RBI, LIC और GIC जैसी संस्थाओं में पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय, शेयर बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार भी सोमवार से शुक्रवार तक ही काम करते हैं।
UFBU ने कहा कि बैंक कर्मचारी खुद को भेदभाव का शिकार महसूस कर रहे हैं। यूनियनों ने आम जनता से हड़ताल के कारण होने वाली असुविधा के लिए सहयोग की अपील की है और कहा है कि डिजिटल और वैकल्पिक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। AIBOC, जो UFBU का एक प्रमुख घटक है, 3.25 लाख से अधिक बैंक अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है।