कोई GST चोरी नहीं की, सट्टेबाजी को नहीं देते बढ़ावाः फिनो पेमेंट्स बैंक

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 01:57 PM

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Fino Payments Bank ने अपने प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट किया है कि बैंक ने किसी भी प्रकार की जीएसटी चोरी नहीं की है और वह सभी नियामकीय प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन कर रहा है।

बिजनेस डेस्कः Fino Payments Bank ने अपने प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट किया है कि बैंक ने किसी भी प्रकार की जीएसटी चोरी नहीं की है और वह सभी नियामकीय प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन कर रहा है।

गुप्ता को Directorate General of GST Intelligence (डीजीजीआई) ने केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132(1)(ए) और 132(1)(आई) के तहत गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी कथित फर्जी कंपनियों और भुगतान मंचों के जरिए ऑनलाइन मनी गेमिंग से अर्जित अवैध धन के प्रवाह की पड़ताल कर रही है।

बैंक का पक्ष

शेयर बाजार को दी गई सूचना में बैंक ने कहा कि डीजीजीआई की जांच कई बैंकों से जुड़े प्रोग्राम मैनेजरों की गतिविधियों से संबंधित है, न कि स्वयं बैंक के जीएसटी अनुपालन से। बैंक ने कहा, “फिनो और उसके अधिकारियों का संबंधित प्रोग्राम मैनेजरों के कथित कारोबार से कोई संबंध नहीं है।”

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी मंच, वेबसाइट या अन्य माध्यम से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सट्टेबाजी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देता। व्यापारियों को ऑनबोर्ड करने की प्रक्रिया नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप होती है और यह संबंधित कारोबारी टीमों द्वारा संचालित की जाती है, न कि एमडी एवं सीईओ द्वारा।

फिनो ने दावा किया कि उसने कोई फर्जी चालान जारी नहीं किया है तथा सभी चालान सेवाओं के वास्तविक उपयोग के आधार पर जारी किए गए हैं। साथ ही, वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) के उपयोग की निगरानी के लिए मजबूत जोखिम प्रबंधन ढांचा मौजूद है।

RBI की समयसीमा और आगे की प्रक्रिया

Reserve Bank of India (आरबीआई) ने फिनो पेमेंट्स बैंक को लघु वित्त बैंक में परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 18 महीने की समयसीमा दी है। प्रबंधन ने कहा है कि वह निर्धारित अवधि से पहले यह प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद कर रहा है।

उद्योग संगठनों का समर्थन

वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि मंत्रालय मामले पर नजर रखे हुए है।

इस बीच, Payments Council of India (पीसीआई) और Startup Policy Forum (एसपीएफ) सहित कई उद्योग संगठनों ने गुप्ता के समर्थन में बयान जारी किए हैं। पीसीआई के अध्यक्ष विश्वास पटेल ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर प्रवर्तन कार्रवाई में संतुलन बरतने और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

उद्योग जगत का मानना है कि यदि व्यावसायिक साझेदारों की कथित अनियमितताओं के मामलों में संस्थापकों पर सीधे कड़ी कार्रवाई की जाती है, तो इससे वित्तीय-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बन सकता है।

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