Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Mar, 2026 05:55 PM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में आम लोगों को राहत देने के लिए एक अहम प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत छोटे अमाउंट के डिजिटल फ्रॉड के शिकार ग्राहकों को नुकसान की भरपाई के तौर पर मुआवजा दिया जाएगा।
बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में आम लोगों को राहत देने के लिए एक अहम प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत छोटे अमाउंट के डिजिटल फ्रॉड के शिकार ग्राहकों को नुकसान की भरपाई के तौर पर मुआवजा दिया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजेक्शन में 50,000 रुपए तक का नुकसान होता है तो उसे 85 फीसदी तक मुआवजा मिल सकता है। हालांकि इसकी अधिकतम सीमा 25,000 रुपए तय की गई है। यह मुआवजा एक व्यक्ति को सिर्फ एक बार ही दिया जाएगा।
RBI ने यह ड्राफ्ट प्रस्ताव 6 मार्च को जारी किया है और इस पर लोगों से 6 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। अगर यह नियम लागू होता है तो 1 जुलाई 2026 या उसके बाद होने वाले डिजिटल ट्रांजेक्शंस पर यह व्यवस्था लागू होगी।
नियम के मुताबिक, फ्रॉड के शिकार व्यक्ति को घटना के 5 दिन के अंदर अपने बैंक और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी होगी। बैंक को आवेदन मिलने के 5 दिनों के भीतर मुआवजा देना होगा।
इस योजना के तहत मुआवजे का खर्च RBI, ग्राहक के बैंक और लाभार्थी बैंक के बीच बांटा जाएगा। माना जा रहा है कि इससे डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को बड़ी राहत मिल सकती है।