Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Oct, 2026 03:34 PM

इंडोनेशिया के शेयर बाजार के लिए 16 अक्टूबर का दिन ब्लैक फ्राइडे बन गया। कारोबार शुरू होने के बाद जकार्ता स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक जकार्ता कंपोजिट करीब 11% तक टूट गया। यह जनवरी 1998 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट बताई
नई दिल्लीः इंडोनेशिया के शेयर बाजार के लिए 16 अक्टूबर का दिन ब्लैक फ्राइडे बन गया। कारोबार शुरू होने के बाद जकार्ता स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक जकार्ता कंपोजिट करीब 11% तक टूट गया। यह जनवरी 1998 के बाद एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है। भारी बिकवाली के चलते बाजार में कुछ समय के लिए कारोबार भी रोकना पड़ा। वहीं, भारतीय समेत कई अन्य एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली।
MSCI की चेतावनी से निवेशकों में घबराहट
इंडोनेशियाई बाजार में इस बड़ी गिरावट की प्रमुख वजह वैश्विक इंडेक्स प्रदाता MSCI की चेतावनी मानी जा रही है। MSCI ने संकेत दिया है कि इंडोनेशिया को उभरते बाजार (Emerging Market) का दर्जा गंवाने का जोखिम है। इसके साथ ही देश को MSCI के वैश्विक शेयर सूचकांकों से बाहर किए जाने की आशंका भी बढ़ गई है।
इस चेतावनी के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ी और बाजार में जमकर बिकवाली हुई। यदि इंडोनेशिया का दर्जा घटाया जाता है, तो वहां निवेश करने वाले वैश्विक फंड अपने निवेश में कटौती कर सकते हैं। इससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
छह साल के निचले स्तर पर पहुंचा जकार्ता इंडेक्स
शुक्रवार की गिरावट के बाद जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स करीब छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार में तेज गिरावट के कारण ट्रेडिंग अस्थायी रूप से 30 मिनट के लिए रोक दी गई। इंडोनेशियाई रुपए पर भी दबाव देखने को मिला।
इससे पहले 1998 के एशियाई वित्तीय संकट के दौरान इंडोनेशिया के शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। मौजूदा गिरावट ने एक बार फिर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
2026 में करीब 40% टूट चुका है बाजार
इंडोनेशिया का शेयर बाजार इस साल पहले से ही दबाव में है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में प्रमुख सूचकांक करीब 40% तक गिर चुका है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह रही है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशक इस साल इंडोनेशियाई शेयर बाजार से करीब 4.9 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। यदि MSCI इंडोनेशिया को उभरते बाजारों की श्रेणी से हटाकर स्टैंडअलोन मार्केट का दर्जा देता है, तो विदेशी निवेश में और गिरावट आ सकती है।
दूसरे एशियाई बाजारों में तेजी
इंडोनेशिया के बाजार में भारी गिरावट के उलट, 16 अक्टूबर को दूसरे एशियाई शेयर बाजारों में मजबूती दिखाई दी। दक्षिण कोरिया का प्रमुख सूचकांक कोस्पी करीब 2% चढ़ा। भारत समेत अन्य बाजारों में भी तेजी दर्ज की गई।
फिलहाल निवेशकों की नजर MSCI के अगले कदम और इंडोनेशिया के बाजार में विदेशी निवेश के रुझान पर बनी हुई है।