Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Oct, 2026 02:46 PM

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (ASTPL) और इसके संस्थापक अवधूत साठे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने अकादमी और उसके संस्थापक को निवेशकों और प्रतिभागियों से वसूले गए ₹546.17 करोड़ लौटाने
नई दिल्लीः भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (ASTPL) और इसके संस्थापक अवधूत साठे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने अकादमी और उसके संस्थापक को निवेशकों और प्रतिभागियों से वसूले गए ₹546.17 करोड़ लौटाने का निर्देश दिया है। दोनों पर बिना रजिस्ट्रेशन के इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और रिसर्च एनालिस्ट सेवाएं देने का आरोप है।
₹67.87 करोड़ निवेशक सुरक्षा फंड में जमा करने का आदेश
SEBI के 23 अक्टूबर को पारित अंतिम आदेश के मुताबिक, अकादमी और अवधूत साठे को ₹67.87 करोड़ निवेशक संरक्षण एवं शिक्षा कोष (IPEF) में जमा करने होंगे। इसके अलावा, दोनों पर दो साल तक या रिफंड के आदेश का पालन होने तक, जो भी अवधि बाद में पूरी होगी, सिक्योरिटीज मार्केट में लेनदेन करने पर रोक लगाई गई है।
गौरी साठे पर भी कार्रवाई, ₹11.5 करोड़ का जुर्माना
SEBI ने अकादमी की निदेशक गौरी अवधूत साठे पर भी कार्रवाई की है। उन्हें छह महीने तक सिक्योरिटीज मार्केट में लेनदेन करने से प्रतिबंधित किया गया है।
नियामक ने अकादमी और दोनों व्यक्तियों पर कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसमें अकादमी पर ₹6 करोड़, अवधूत साठे पर ₹4 करोड़ और गौरी साठे पर ₹1.5 करोड़ का जुर्माना शामिल है। सभी को आदेश मिलने के 45 दिनों के भीतर जुर्माने की रकम जमा करनी होगी।
बैंक खाते फ्रीज, संपत्तियों की बिक्री पर भी प्रतिबंध
SEBI ने अकादमी और उसके संस्थापक के बैंक खातों को भी फ्रीज करने का निर्देश दिया है। निर्धारित रकम जमा करने के बाद ही खातों पर लगी रोक हटाई जा सकेगी। इसके साथ ही उनकी संपत्तियों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, रिफंड के आदेश का पालन करने के लिए शेयरों और म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश को बेचने की अनुमति होगी।
नियामक ने अकादमी, अवधूत साठे और गौरी साठे को बिना पंजीकरण के निवेश सलाह और रिसर्च एनालिस्ट से जुड़ी गतिविधियां तत्काल बंद करने का भी निर्देश दिया है।
स्टॉक मार्केट की पढ़ाई के नाम पर सलाह देने का आरोप
SEBI ने 1 जुलाई 2017 से 9 अक्टूबर 2025 तक की अवधि में अकादमी और अवधूत साठे की गतिविधियों की जांच की थी। नियामक के अनुसार, अकादमी की गतिविधियां शेयर बाजार की शिक्षा तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि प्रतिभागियों को विशिष्ट शेयरों में ट्रेडिंग से जुड़े सुझाव भी दिए गए।
इनमें ट्रेडिंग कॉल, शेयर खरीदने और बेचने के लक्ष्य, स्टॉप-लॉस स्तर और कीमतों की दिशा को लेकर अनुमान शामिल थे। SEBI का आरोप है कि ये सेवाएं जरूरी पंजीकरण के बिना दी जा रही थीं। नियामक ने पिछले साल अगस्त में महाराष्ट्र के करजत स्थित अकादमी परिसर में छापेमारी भी की थी।
निवेशकों को अनरजिस्टर्ड एडवाइजर्स से सतर्क रहने की सलाह
SEBI के नियमों के तहत, संबंधित पंजीकरण के बिना कोई व्यक्ति निवेश सलाहकार या रिसर्च एनालिस्ट के रूप में विनियमित सेवाएं नहीं दे सकता। नियामक समय-समय पर निवेशकों को ऐसे लोगों और संस्थाओं से सावधान रहने की सलाह देता है।
जल्दी और ज्यादा मुनाफा कमाने की उम्मीद में निवेशक कई बार बिना पंजीकरण वाले सलाहकारों पर भरोसा कर लेते हैं। ऐसे में निवेश संबंधी सलाह लेने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था का SEBI में पंजीकरण जांचना जरूरी है।