घर बनाना होगा महंगा, बढ़ सकते हैं सीमेंट के दाम, ₹40 प्रति बोरी तक इजाफा संभव

Edited By Updated: 03 Sep, 2026 04:59 PM

building a house will become more expensive cement prices may rise

अगस्त में मॉनसून के कारण कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी प्रभावित होने से सीमेंट की मांग पर दबाव देखने को मिला। बारिश के चलते कई इलाकों में निर्माण कार्य या तो रुका रहा या उसकी रफ्तार धीमी रही। इसका असर सीमेंट की खपत पर भी पड़ा। हालांकि, सितंबर में निर्माण...

नई दिल्लीः अगस्त में मॉनसून के कारण कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी प्रभावित होने से सीमेंट की मांग पर दबाव देखने को मिला। बारिश के चलते कई इलाकों में निर्माण कार्य या तो रुका रहा या उसकी रफ्तार धीमी रही। इसका असर सीमेंट की खपत पर भी पड़ा। हालांकि, सितंबर में निर्माण गतिविधियों में सुधार के साथ सीमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के चैनल चेक के मुताबिक, सितंबर में देश के कुछ प्रमुख बाजारों में सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी ₹40 प्रति बोरी तक हो सकती है। वहीं, कंपनियों के लिए बढ़ती पेटकोक कीमतें लागत के मोर्चे पर चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद नुवामा ने सीमेंट सेक्टर पर अपना न्यूट्रल रुख बरकरार रखा है।

कितना महंगा हो सकता है सीमेंट?

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में बेंगलुरु में सीमेंट की कीमत करीब ₹10 प्रति बोरी बढ़ी थी। हालांकि, दक्षिण भारत के ज्यादातर बाजारों में कीमतें स्थिर रहीं। सितंबर में दक्षिण भारत के कुछ बाजारों में करीब ₹20 प्रति बोरी तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

उत्तर भारत में मॉनसून के कारण सीमेंट की मांग कमजोर रही और कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, सितंबर में यहां करीब ₹10 प्रति बोरी की बढ़ोतरी संभव है। मध्य भारत में कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है। नुवामा के मुताबिक, डीलरों को सितंबर की शुरुआत में सीमेंट के दाम ₹30-40 प्रति बोरी तक बढ़ने की उम्मीद है। इसके उलट पश्चिमी भारत में डीलरों को फिलहाल सीमेंट की कीमतों में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

महंगा पेटकोक बढ़ा रहा कंपनियों की चिंता

सीमेंट कंपनियों के लिए बढ़ती इनपुट कॉस्ट भी एक अहम चुनौती बनी हुई है। नुवामा के मुताबिक, पेटकोक की कीमतों में हाल के महीनों में तेज बढ़ोतरी हुई है। पेटकोक की कीमत मासिक आधार पर करीब 20 डॉलर प्रति टन बढ़ी है।

जुलाई 2026 में पेटकोक की कीमत करीब 133 डॉलर प्रति टन तक गिर गई थी। अब यह बढ़कर लगभग 152 डॉलर प्रति टन पहुंच गई है। ऐसे में ईंधन लागत बढ़ने से सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, सितंबर में मॉनसून के बाद निर्माण गतिविधियों में सुधार से सीमेंट की मांग को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ती पेटकोक कीमतें कंपनियों के लिए लागत और मार्जिन के मोर्चे पर चुनौती बनी रह सकती हैं। 
 

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