सोना-चांदी खरीदना हुआ महंगा! सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी में की बढ़ोतरी, नई दरें आज से लागू

Edited By Updated: 13 May, 2026 06:31 AM

buying gold and silver has become more expensive

केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद, सरकार ने सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं...

बिजनेस डेस्कः केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील के बाद, सरकार ने सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) में भारी बढ़ोतरी कर दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ये नई दरें आज यानी 13 मई से पूरे देश में लागू हो गई हैं।

सोने पर ड्यूटी सीधे हुई डबल
सरकार ने सोने पर लगने वाली बेसिक इम्पोर्ट ड्यूटी को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 10 प्रतिशत कर दिया है। अब तक सोने पर कुल 6 प्रतिशत (5% ड्यूटी और 1% सेस) टैक्स लगता था लेकिन अब उपभोक्ताओं और व्यापारियों को आयात के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। गौरतलब है कि जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने इस ड्यूटी को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत किया था जिसे अब दोबारा बढ़ा दिया गया है।

हुक, पिन से लेकर कचरे तक पर लगेगा टैक्स
सरकार की यह सख्ती सिर्फ सोने की ईंटों या बिस्कुट तक सीमित नहीं है। अब आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे पार्ट्स जैसे हुक, पिन और स्क्रू पर भी बढ़ी हुई दरें लागू होंगी। इसके अलावा पुरानी धातुओं से सोना-चांदी निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'कचरे' (Scrap) पर भी अब 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा। यूएई (UAE) से रियायती कोटे के तहत आने वाले सोने पर भी शुल्क बढ़ा दिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कड़े फैसले के पीछे प्रधानमंत्री मोदी की वह अपील है जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के कारण देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने का आग्रह किया था। भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा और चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत ने लगभग 58 से 60 अरब डॉलर का सोना आयात किया, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। भारी आयात के कारण बढ़ते व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

आम आदमी और इंडस्ट्री पर पड़ेगा बड़ा असर
इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने का सीधा असर सर्राफा बाजार और आम ग्राहकों पर पड़ेगा। ज्वेलर्स के लिए कच्चा माल मंगाना महंगा होने से आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है। साथ ही उन कंपनियों की लागत भी बढ़ जाएगी जो इंडस्ट्रियल काम या रिसाइकिलिंग के लिए इन कीमती धातुओं का इस्तेमाल करती हैं।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!