Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 Oct, 2026 05:58 PM

नवंबर महीने की शुरुआत के साथ एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और गैस कनेक्शन से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को घरेलू
नई दिल्लीः नवंबर महीने की शुरुआत के साथ एलपीजी सिलेंडर की कीमतों और गैस कनेक्शन से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया पर उपभोक्ताओं की नजर रहेगी। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट जारी हो सकते हैं। हालांकि, कीमतों में बदलाव होगा या नहीं, इसकी पुष्टि कंपनियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम पर नजर
दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपए है, जिसमें की 7 जून 2026 के बाद से बदलाव नहीं हुआ है। वहीं अक्टूबर में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,810 रुपए है। कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है। नवंबर में इनकी कीमतों में बदलाव का असर कारोबारियों के खर्च और खानपान से जुड़ी सेवाओं पर भी पड़ सकता है। अलग-अलग शहरों में सिलेंडर की कीमतें अलग हो सकती हैं।
LPG e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?
एलपीजी ग्राहकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी भी महत्वपूर्ण है। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें आम तौर पर इसे दोबारा कराने की जरूरत नहीं होती, जब तक संबंधित कंपनी ऐसा निर्देश न दे।
सब्सिडी का लाभ लेने वाले ग्राहकों को अपनी ई-केवाईसी की स्थिति जांच लेनी चाहिए। आवश्यक सत्यापन पूरा नहीं होने पर सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, ई-केवाईसी न कराने पर सभी ग्राहकों की सिलेंडर बुकिंग बंद हो जाएगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा। इसके लिए अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी है।
घर बैठे ऐसे पूरी कर सकते हैं e-KYC
ग्राहक अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप के जरिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प देख सकते हैं। इंडेन के ग्राहक इंडियनऑयल वन, भारत गैस के ग्राहक हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के ग्राहक एचपी पे ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रक्रिया के दौरान आधार फेसआरडी ऐप की जरूरत पड़ सकती है।
ऐप में लॉग-इन करने के बाद ई-केवाईसी का विकल्प चुनें और दिए गए निर्देशों के अनुसार पहचान सत्यापित करें। इसके अलावा, गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी के अधिकृत माध्यम से भी सत्यापन के विकल्पों की जानकारी ली जा सकती है।
PNG उपभोक्ताओं के बिल पर भी पड़ सकता है असर
पाइपलाइन के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी की कीमत भी शहर और गैस आपूर्तिकर्ता के हिसाब से अलग हो सकती है। इसकी दरें घरेलू गैस की उपलब्धता, आयातित एलएनजी की लागत, करों और आपूर्ति की परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं। इसलिए पीएनजी उपभोक्ताओं को भी नवंबर में अपने गैस सप्लायर की ओर से जारी कीमतों और बिल संबंधी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।