सूडान में बाजार पर ड्रोन हमला, 100 से ज्यादा लोगों की मौ'त; 113 घायल, मची चीख-पुकार

Edited By Updated: 28 Oct, 2026 05:12 AM

drone attack on market in sudan kills over 100

सूडान के दक्षिण दारफुर क्षेत्र के न्याला शहर में एक व्यस्त बाजार पर हुए भीषण ड्रोन हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 113 लोग घायल हो गए हैं। मानवाधिकार समूहों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला सोमवार शाम को न्याला के दुमाया इलाके में...

न्याला/खारतूम: सूडान के दक्षिण दारफुर क्षेत्र के न्याला शहर में एक व्यस्त बाजार पर हुए भीषण ड्रोन हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 113 लोग घायल हो गए हैं। मानवाधिकार समूहों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह हमला सोमवार शाम को न्याला के दुमाया इलाके में स्थित तानकोंग बाजार में हुआ। यह शहर अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण में है। हिंसा पर नजर रखने वाले मानवाधिकार समूह 'इमरजेंसी लॉयर्स' ने इस हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

सुबह का नाश्ता और खरीदारी कर रहे थे नागरिक; 102 नागरिकों की मौत की पुष्टि 
दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी निदेशक एडम मूसा ओबामा के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सेना से जुड़े ड्रोनों ने बाजार पर उस समय हमला किया जब आम नागरिक खरीदारी कर रहे थे और सुबह का नाश्ता कर रहे थे। आरएसएफ से जुड़े तासिस प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अला अल-दीन नुगुद ने बताया कि हमले में 102 नागरिकों की मौत हुई है और 113 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि हमले के तुरंत बाद घटनास्थल पर एक चिकित्सा दल भेजा गया तथा अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है।

अस्पतालों में मची चीख-पुकार, महिलाओं और बच्चों की भी गई जान 
अंतरराष्ट्रीय संगठन 'डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स' (MSF) ने जानकारी दी कि न्याला स्थित उसके अस्पताल में 36 शव पहुंचे और आपातकालीन कक्ष में 150 घायलों का इलाज किया गया। दारफुर विक्टिम्स ऑर्गनाइजेशन ने 14 नागरिकों की मौत का दस्तावेजीकरण किया है, जिनमें 12 महिलाएं और 6 बच्चे शामिल हैं। वहीं, अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने 120 लोगों के मारे जाने या घायल होने की बात कही है।

सूडान में बढ़ते ड्रोन हमले, UN ने बताया सबसे बड़ा मानवीय संकट 
सूडान में जारी गृहयुद्ध के दौरान सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और आरएसएफ दोनों ही विस्फोटक ले जाने वाले ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों पर खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने ड्रोन हमलों को इस संघर्ष में नागरिकों के लिए सबसे घातक खतरा करार दिया है। हालिया हमलों में अस्पतालों, स्कूलों, बाजारों और विस्थापन शिविरों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है।

सूडान में अप्रैल 2023 से सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच युद्ध जारी है, जो राजधानी खारतूम से शुरू होकर पूरे देश में फैल गया। इस संघर्ष में अब तक दर्जनों हजार लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, देश में दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट पैदा हो चुका है और लगभग 3.4 करोड़ (34 मिलियन) लोगों को मदद की आवश्यकता है।

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