Edited By Pardeep,Updated: 26 Sep, 2026 09:19 AM

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के बीच आम जनता और ग्रामीण खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर आई है। इस दौरान देशभर के सहकारी बैंक पूरी तरह खुले रहेंगे और उनमें कामकाज सामान्य दिनों की तरह चालू...
नई दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के बीच आम जनता और ग्रामीण खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर आई है। इस दौरान देशभर के सहकारी बैंक पूरी तरह खुले रहेंगे और उनमें कामकाज सामान्य दिनों की तरह चालू रहेगा।
3 दिनों की बैंक हड़ताल और सहकारी बैंकों का फैसला
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 28 से 30 सितंबर तक तीन दिनों की देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है, जिसके कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। हालांकि, सार्वजनिक बैंकों की ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी।
दूसरी ओर, सहकारी बैंकिंग से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं जैसे NAFCUB, NUCFDC और NAFSCoB ने स्पष्ट किया है कि देशभर के सहकारी बैंक इस हड़ताल में शामिल नहीं होंगे।
कौन-कौन से बैंक रहेंगे खुले?
हड़ताल से अलग रहने वाले सहकारी बैंकों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- राज्य सहकारी बैंक (STCB)
- जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB)
- प्राथमिक कृषि साख समितियां (PACS)
सभी बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू
सहकारी बैंक कर्मचारियों के यूनियनों के अनुसार, शाखाओं में नकदी जमा, निकासी, ग्रामीण लेन-देन और चेक क्लीयरेंस जैसी सभी जरूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
विशाल नेटवर्क से मिलेगी ग्रामीण व शहरी इलाकों को मदद
देशभर में सहकारी बैंकिंग का एक बड़ा ढांचा मौजूद है, जिसमें 1450 शहरी सहकारी बैंक (UCB), 34 राज्य सहकारी बैंक और 351 जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शामिल हैं। यह बैंक गांवों, कस्बों और शहरों में किसानों, ग्रामीण परिवारों, छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सेवाएं प्रदान करते हैं। सार्वजनिक बैंकों की हड़ताल के बावजूद इन शाखाओं के खुले रहने से ग्राहकों को लेनदेन में बड़ी सुविधा मिलेगी।