Credit Card यूजर्स ध्यान दें, IndusInd Bank ने ग्राहकों को दिया झटका

Edited By Updated: 10 Jun, 2026 05:17 PM

credit card users take note indusind bank has dealt a blow to customers

अगर आप इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक अहम खबर है। बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई नियमों में बदलाव करने की घोषणा की है, 15 जून 2026 से लागू होंगे। बैंक ने ब्याज की कैलकुलेशन, फ्यूल खर्च, ट्रांसपोर्ट पेमेंट,...

बिजनेस डेस्कः अगर आप इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक अहम खबर है। बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई नियमों में बदलाव करने की घोषणा की है, 15 जून 2026 से लागू होंगे। बैंक ने ब्याज की कैलकुलेशन, फ्यूल खर्च, ट्रांसपोर्ट पेमेंट, विदेशी लेनदेन और लेट पेमेंट शुल्क से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।

बैंक के अनुसार, जो ग्राहक हर महीने क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाने के बजाय केवल आंशिक भुगतान करते हैं, उन्हें अतिरिक्त ब्याज का सामना करना पड़ सकता है। अब बकाया राशि पर ब्याज जारी रहने के साथ-साथ नई खरीदारी पर भी ब्याज लागू हो सकता है। 

इतना ही नहीं, ब्याज-मुक्त अवधि का लाभ दोबारा पाने के लिए ग्राहकों को लगातार दो स्टेटमेंट साइकल तक पूरा भुगतान समय पर करना होगा। ऐसे में विशेषज्ञ समय पर पूरा बकाया चुकाने की सलाह दे रहे हैं।

फ्यूल और ट्रांसपोर्ट खर्च पर नया चार्ज

बैंक ने फ्यूल ट्रांजेक्शन से जुड़े नियम भी बदले हैं। अब अधिकांश स्टैंडर्ड और मिड-सेगमेंट कार्ड पर एक स्टेटमेंट साइकल (Credit Card Rules 2026) में 30,000 रुपए से अधिक के फ्यूल खर्च पर 1 प्रतिशत चार्ज और उस पर लागू जीएसटी देना होगा। पहले यह लीमिट 50,000 रुपए थी।

वहीं कैब, बस, रेलवे टिकट, टोल या अन्य ट्रांसपोर्ट सर्विसेस पर 40,000 रुपए से अधिक खर्च करने पर अतिरिक्त राशि पर 1 प्रतिशत चार्ज और जीएसटी लगाया जाएगा। हालांकि, हवाई यात्रा पर यह नियम लागू नहीं होगा।

विदेशी लेनदेन हुआ महंगा

विदेशी करेसी में किए जाने वाले ट्रांजेक्शन पर लगने वाला डायनामिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। अधिकांश स्टैंडर्ड और टाइगर कार्ड पर यह चार्ज अब 2 प्रतिशत प्लस जीएसटी होगा, जबकि पहले यह 1 प्रतिशत था। वहीं, कुछ प्रीमियम कार्डों पर यह शुल्क पहले की तरह 1 प्रतिशत ही रहेगा।

लेट पेमेंट चार्ज

बैंक ने देर से पेमेंट करने पर लगने वाले शुल्क में भी बदलाव किया है। उदाहरण के तौर पर 501 रुपए से 1,000 रुपए तक के बकाया पर 500 रुपए तक का लेट फीस चार्ज लगाया जा सकता है। इसी तरह 5,001 रुपए से 10,000 रुपए तक के बकाया पर 750 रुपए तक का लेट पेमेंट चार्ज देना पड़ सकता है।

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