Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Nov, 2026 12:26 PM

दुनिया के प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) के पूर्व प्रमुख चांगपेंग झाओ (CZ) ने हालिया साइबर हमले को पूरी वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। उनका कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी और पारंपरिक बैंकिंग के बीच बढ़ते जुड़ाव...
नई दिल्लीः दुनिया के प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) के पूर्व प्रमुख चांगपेंग झाओ (CZ) ने हालिया साइबर हमले को पूरी वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। उनका कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी (BTC/USD) और पारंपरिक बैंकिंग के बीच बढ़ते जुड़ाव के कारण अब किसी एक क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर हुआ हमला पूरे वित्तीय बाजार को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए उद्योग जगत से मिलकर काम करने की अपील की है।
29 अक्टूबर को हुए हैक के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए CZ ने टॉकिंग टोकन पॉडकास्ट में कहा कि प्रमुख क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर साइबर हमलों का असर अब केवल डिजिटल संपत्तियों तक सीमित नहीं है। स्टेबलकॉइन, टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज और वास्तविक दुनिया की संपत्तियों का वित्तीय प्रणाली से जुड़ाव बढ़ने के कारण इसका प्रभाव बैंकों और वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकता है।
AI से बढ़ी साइबर हमलों की रफ्तार
CZ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को साइबर सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बताया। उनके मुताबिक, पहले क्रिप्टो उद्योग (ETH/USD) में बड़े साइबर हमले साप्ताहिक या मासिक आधार पर होते थे, लेकिन अब एक ही दिन में कई हमले संभव हैं।
AI की मदद से साइबर अपराधी फिशिंग, शुरुआती जांच और सॉफ्टवेयर की कमजोरियों की पहचान जैसे काम तेजी से कर रहे हैं। CZ ने कहा कि वित्तीय कंपनियों को भी हमलावरों का मुकाबला करने के लिए AI आधारित सुरक्षा तकनीक अपनानी होगी।
क्रिप्टो कंपनियों के लिए सुरक्षा गठबंधन की मांग
CZ ने पूरे क्रिप्टो उद्योग के लिए साझा सुरक्षा गठबंधन बनाने की वकालत की है। इसके तहत कंपनियां साइबर हमलों से जुड़ी जानकारी, सुरक्षा ऑडिट और हमलों से मिली सीख साझा कर सकेंगी। साथ ही चोरी की गई डिजिटल संपत्तियों (USDT/USD) को तेजी से फ्रीज करने के लिए भी समन्वय किया जा सकेगा।
उन्होंने स्वीकार किया कि बाइनेंस समेत क्रिप्टो उद्योग ने सुरक्षा में पर्याप्त निवेश नहीं किया है।
बाइनेंस की कार्रवाई से टला बड़ा संकट
CZ के मुताबिक, हैक के बाद ग्राहकों के नुकसान की भरपाई करने और उनके फंड सुरक्षित होने का भरोसा दिलाने के बाइनेंस के फैसले से बाजार में बड़ा संकट टालने में मदद मिली। हालांकि, उन्होंने माना कि इस हमले को रोका जा सकता था और संस्थागत लापरवाही अब भी गंभीर जोखिम है।
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस हमले के लिए उत्तर कोरियाई हैकरों को जिम्मेदार ठहराया है। CZ ने कहा कि भविष्य में साइबर सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग और AI आधारित रक्षा प्रणाली बेहद जरूरी होगी।