विदेशी निवेशकों की वापसी से Indian Stock Market में रौनक, निवेशकों ने कमाए 27 लाख करोड़

Edited By Updated: 24 Mar, 2025 04:58 PM

foreign investors has brought excitement to the indian stock market

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वैश्विक बाजार भी हैरान रह गए। अमेरिका का वॉल स्ट्रीट, चीन का शंघाई और हॉन्गकॉन्ग सभी ने देखा कि एशिया का असली दिग्गज अब भारतीय शेयर बाजार बन चुका है।

बिजनेस डेस्कः भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वैश्विक बाजार भी हैरान रह गए। अमेरिका का वॉल स्ट्रीट, चीन का शंघाई और हॉन्गकॉन्ग सभी ने देखा कि एशिया का असली दिग्गज अब भारतीय शेयर बाजार बन चुका है।

पिछले 6 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त तेजी आई है, जिससे निवेशकों को 27 लाख करोड़ रुपए से अधिक का फायदा हुआ है। बाजार जानकारों का मानना है कि 2025 की शुरुआती गिरावट के बाद भारतीय बाजार अब रिकवरी मोड में है और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

विदेशी निवेशकों की वापसी से बाजार में रौनक

भारतीय शेयर बाजार में इस तेजी के पीछे मुख्य वजह विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों तक बिकवाली करने के बाद, FII ने 7,470 करोड़ रुपए का निवेश किया, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।

इसके अलावा रुपए की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं भी इस तेजी में सहायक रही हैं।

सेंसेक्स-निफ्टी में जबरदस्त बढ़त

सेंसेक्स में उछाल

  • सोमवार को सेंसेक्स 1.40% (1078.87 अंक) चढ़कर 77,984.38 पर बंद हुआ।
  • दिन के दौरान 78,107.23 अंकों का उच्चतम स्तर छू लिया।
  • पिछले 6 दिनों में सेंसेक्स 5.62% (4,155.47 अंक) चढ़ चुका है।

निफ्टी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

  • निफ्टी 1.32% (307.95 अंक) चढ़कर 23,658.35 पर बंद हुआ।
  • दिन में 23,708.75 अंकों का उच्चतम स्तर देखा।
  • पिछले 6 कारोबारी सत्रों में निफ्टी 5.63% (1261.15 अंक) चढ़ चुका है।

तेजी के प्रमुख कारण

विदेशी निवेशकों की वापसी – FII ने लगातार खरीदारी की, जिससे बाजार को संबल मिला।
रुपए में मजबूती – डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ, जिससे बाजार को फायदा मिला।
कमजोर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड – अमेरिका में बॉन्ड यील्ड घटने से भारतीय बाजार आकर्षक बना।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट – महंगे आयात का दबाव कम हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
ब्याज दरों में संभावित कटौती – रिजर्व बैंक की अगली बैठक में रेट कट की उम्मीद से बाजार को बढ़ावा मिला।
  

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